आरोपी के खाते में फ्रॉड की 3 लाख रकम मिली, 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद आज भेजा जेल
पंचकूला/ 16 जून:- ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी के मामलें में साइबर क्राइम थाना टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान कमल कुमार निवासी उत्तम नगर, नई दिल्ली के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने आरोपी को 13 जून को अदालत में पेश कर पहले तीन दिन का पुलिस रिमांड लिया था। आरोपी से पूछताछ के बाद आज न्यायिक हिरासत भेज दिया है।
पंचकूला निवासी व्यक्ति ने राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार उन्हें फरवरी 2026 में व्हाट्सएप पर एक स्टॉक इन्वेस्टमेंट संबंधी ग्रुप से जोड़ा गया, जहां प्रतिदिन शेयर मार्केट में निवेश और कम समय में लाभ कमाने संबंधी सलाह दी जाती थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार ग्रुप में स्वयं को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले व्यक्तियों ने निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने निवेश के लिए एक ऐप डाउनलोड करवाया और विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करवाई। विश्वास पैदा करने के लिए शुरुआत में ऐप पर निवेश और लाभ दिखाई देता रहा तथा शिकायतकर्ता को एक बार 50 हजार रुपये की निकासी भी दिखाई गई।
धीरे-धीरे शिकायतकर्ता ने कुल 4 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा कर दिए। ऐप में मुनाफे के साथ राशि बढ़कर लगभग 12.30 लाख रुपये दिखाई जाने लगी। लेकिन जब शिकायतकर्ता ने बड़ी राशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने पैसे जारी करने के बदले कुल राशि का 15 प्रतिशत अतिरिक्त जमा कराने की मांग की। यहीं से शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का संदेह हुआ। शिकायत के आधार पर 20 मई 2026 को साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज किया गया।
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा जमा की गई रकम में से 3 लाख रुपये यस बैंक के एक संदिग्ध खाते में ट्रांसफर हुए थे। इस खाते का संचालन कमल कुमार द्वारा किया जा रहा था जिसे पुलिस ने उत्तम नगर, नई दिल्ली से दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मामले में सह आरोपियों व अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामलें की जांच पीएसआई अभिषेक द्वारा की जा रही है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म और बैंक खातों के माध्यम से साइबर फ्रॉड का नेटवर्क संचालित होने के संकेत मिले हैं। मामले में अन्य खाताधारकों, डिजिटल लिंक और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
उन्होनें नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप, निवेश सलाह, गारंटीड मुनाफे के दावे या बिना सत्यापन वाले ट्रेडिंग ऐप पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा साइबर पोर्टल पर दें।