बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामला: आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल देहरादून से गिरफ्तार, पूछताछ जारी
25 जून की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में भी नोटों की गड्डी ले जाते दिखा आरोपी; पुलिस खंगाल रही है रिकॉर्ड
BKTC की आंतरिक जांच रिपोर्ट पुलिस के कब्जे में; गणना कक्ष में मौजूद रहे साधु-संतों और कर्मचारियों से भी पूछताछ
बदरीनाथ/देहरादून:
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और मंदिर कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात करीब 11 बजे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को विस्तृत पूछताछ और आगे की वैधानिक कड़ाही के लिए बदरीनाथ कार्यालय लेकर आ रही है। पुलिस काफी समय से साक्ष्य जुटाकर आरोपी की संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने खोली पोल; 25 जून को भी चोरी करते दिखा आरोपी
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गणना सामान्य तौर पर हर तीन से चार दिन के अंतराल में की जाती है। पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार मंदिर परिसर और गणना कक्ष के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
- फुटेज में कैद हुई हरकत: जांच टीम ने हाल ही में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को हुई चढ़ावे की गिनती के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लिए हैं। रविवार को जब पुलिस ने 25 जून की फुटेज की बारीकी से जांच की, तो उसमें भी आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल नोटों की गड्डी चुपके से ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है।
- दस्तावेज कब्जे में: पुलिस ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से इस मामले से जुड़ी आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक वित्तीय दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
गणना कक्ष में मौजूद कर्मचारियों और साधु-संतों के बयान दर्ज
पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस वित्तीय गड़बड़ी में मंदिर के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।
- 12 से अधिक लोगों से पूछताछ: 2 जुलाई को जब चढ़ावे की अंतिम गणना हो रही थी, तब आरोपी प्रमोद नौटियाल के साथ गणना कक्ष (Counting Room) में 12 से अधिक लोग मौजूद थे।
- साधु-संतों की भूमिका: इन लोगों में मंदिर के नियमित कर्मचारियों के अलावा कुछ स्थानीय साधु-संत भी शामिल थे, जो अक्सर चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया का हिस्सा बनते हैं। पुलिस ने रविवार को बीकेटीसी के कर्मचारियों और इस प्रक्रिया में शामिल रहे साधु-संतों के बयान दर्ज किए हैं।
निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा
मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे के रख-रखाव और उसे बैंक में जमा करने की प्रक्रिया के दौरान बड़ी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार था।
पुलिस अधिकारियों का बयान:
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तत्परता से काम कर रहा है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस पूरे प्रकरण में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी और आस्था के केंद्र में इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।