रॉकेट की स्पीड से भाग रहे बिटकॉइन ने तोड़ा रिकॉर्ड, पहली बार पहुंच 1 करोड़ के पार
Bitcoin All Time High: दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी अपने नए शिखर को पर पहुंच गया है। बिटकॉइन ने बनाया नया रिकॉर्ड है, इसकी कीमत 1.18 लाख डॉलर यानी करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
Bitcoin Return: क्या आपने कभी सोचा है कि 2 रुपये के निवेश से भी करोड़पति बन सकते हैं। जी हां, हम यहां किसी लॉटरी या जुआ या किसी जैकपॉट की बात नहीं कर रहे हैं। एक एसेट क्लास निवेश की बात हो रही है। और वहां पर भी 15 साल में या 15 साल पहले अगर उस एसेट क्लास में अगर आपने 2 रुपये भी लगाए होते तो, उसकी कीमत आज के दिन में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा होती।
और उसका रिटर्न कितना होगा पता है? जवाब है 44 करोड़ 60 लाख फीसदी से भी ज्यादा का रिटर्न। यहां बात हो रही बिटकॉइन में निवेश की। क्रिप्टो करेंसी जिसमें अगर आपने 2010 में 2 रुपये की वैल्यू पर भी अगर आपने निवेश किया होता तो उसके दाम 45 लाख गुना बढ़ जाते। तो आप करोड़पति बन जाते और इतनी बढ़ोतरी सिर्फ 15 सालों में हुई है।
बिटकॉइन ने बनाया नया रिकॉर्ड
बिटकॉइन ने शुक्रवार को भी 18,000 डॉलर के ऊपर का नया रिकॉर्ड बनाया है। अगर इसे रुपये में कन्वर्ट करें तो डॉलर के भाव के हिसाब से तो भी 1 करोड़ रुपये से ऊपर की वैल्यू बनती है। 15 साल पहले बिटकॉइन की कीमत सिर्फ 0.04865 थी।
एक साल में डबल रिटर्न
अगर रिटर्न की बात करें, तो बिटकॉइन ने पिछले एक साल में करीब 105 फीसदी का रिटर्न दिया है। यानी एक साल के भीतर ही निवेशकों की पूंजी लगभग दोगुनी हो गई है। पिछले एक महीने में भी इसमें लगभग 10 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य क्रिप्टोकरेंसी जैसे इथेरियम, डॉगकॉइन, सोलाना, रिपल और स्टेलर में भी तेजी देखी जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा रफ्तार स्टेलर की रही है, जो केवल एक हफ्ते में ही 70 फीसदी तक बढ़ गया है।
बिटकॉइन की शुरुआती कीमत
साल 2009 में बिटकॉइन लॉन्च हुआ था। जो जीरो बेस पे हुआ था। उसके बाद 2010 की शुरुआती वैल्यू 0.04865 यानी अगर उसे रुपये में कन्वर्ट करें 15 साल के उस वैल्यू को तो 5 रुपये के आसपास बैठती है और 15 साल पहले रुपये की जो डॉलर के सामने वैल्यू थी, वो 1 डॉलर का भाव 46 रुपये था। 15 साल में बिटकॉइन ने रूपी टर्म में 44 करोड़ 60 लाख फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
क्या है बिटकॉइन?
बिटकॉइन एक डिजिटल करेंसी है जिसे आप इंटरनेट पर लेन-देन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, और ये किसी सरकार या बैंक के कंट्रोल में नहीं होती। ये एक खास टेक्नोलॉजी पर काम करती है जिसे ब्लॉकचेन कहते हैं, जहां हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। बिटकॉइन को माइनिंग नाम की प्रक्रिया से कंप्यूटर के ज़रिए बनाया जाता है, और इसकी कीमत बाजार में मांग और सप्लाई के हिसाब से ऊपर-नीचे होती रहती है। आप इससे किसी को पैसे भेज सकते हैं या निवेश भी कर सकते हैं, लेकिन इसकी वैल्यू काफी उतार-चढ़ाव वाली होती है, इसलिए जोखिम के साथ समझदारी भी जरूरी होती है।