कुरुक्ष्रेत्र में सिखों के लिए CM सैनी का बड़ा ऐलान, 1984 दंगों के पीड़ित परिवारों को नौकरी देंगे
CM Saini in Kurukshetra: सीएम सैनी ने कहा, “हमने यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा है।
350th Martyrdom Anniversary of Sri Guru Tegh Bahadur Ji in Kurukshetra: कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर मंगलवार को आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिर पर उठा कर मुख्य मंच तक ले जाने की पवित्र ‘पालकी सेवा’ निभाई। पंज प्यारों की अगुवाई में “जो बोले सो निहाल… सत श्री अकाल!” की गूँज के बीच संगत ने विनम्रता और भक्ति से भरे इस क्षण का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री द्वारा निभाई गई यह सेवा सिख परंपरा में अत्यंत सम्मान और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। संगत की उपस्थिति में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सम्मानपूर्वक दरबार हॉल में लाया गया और अरदास कर के विधिवत प्रकाश किया गया। पूरे परिसर में श्रद्धा, भक्ति और शांति का वातावरण बना रहा।
1984 दंगों के पीड़ित प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी
शहीदी दिवस के मुख्य कार्यक्रम में सीएम सैनी ने कहा, “हमने यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री जी, आपने देश में न सिर्फ 1984 की चोट को समझा, बल्कि उनके घाव भरने की सच्ची कोशिश भी शुरू की। साथ ही दोषी लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया। आपके नेतृत्व में ऐसी ही पीड़ा झेलने वाले 121 परिवारों की आशा का सम्मान करते हुए हमने हरियाणा के इन प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय किया।
उन्होंने कहा हमने सिरसा स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को 27 जून, 2024 को 70 कनाल (8 एकड़ 6 कनाल) भूमि मुफ्त दी है। इस स्थान पर प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के चरण पड़े थे। कहने का भाव यह है कि हरियाणा भी गुरुओं की धरती है। हम अपनी नई पीढ़ियों को उनके संदेश, आदर्शों और विचारों से प्रेरित करने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। इसी दिशा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर इस समागम का आयोजन किया गया है।”
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा, “वर्ष 2021 में जब अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता आई, तो आपने वहां से गुरु ग्रंथ साहिब के तीनों पावन स्वरूपों को विशेष विमान से भारत लाने का प्रबंध किया। आपकी पहल पर ही अब पूरे देश में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शहीदी दिवस को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।”
आपके प्रयासों को हमने हरियाणा में भी आगे बढ़ाया है। चाहे वर्ष 2021 में श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व हो, या वर्ष 2017 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, या श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व, हमने इन्हें पूरे राज्य में पूरी धूमधाम से मनाया है।