राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की होगी जीत, भाजपा के धनबल को इस बार कांग्रेस की एकजुटता से मिलेगी चुनौती : रोहित ठाकुर
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सोलन प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद SCERT सोलन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अफसरशाही के मुद्दे को लेकर किए गए सवाल पर कहा कि इन सभी मुद्दों पर विराम लग चुका है जिस पर सारी बातें हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार राज्यसभा चुनाव को लेकर तैयार है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भाजपा ने धनबल का प्रयोग कर पिछली बार राज्यसभा की सीट जीती थी लेकिन इस बार कांग्रेस एकजुट होकर इस चुनाव को लड़ेगी और राज्यसभा का चुनाव जीतेगी।
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में पंचायती राज चुनाव जल्द संपन्न होने वाले हैं। वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष भी दो जिलों को छोड़कर सभी जिलों में नियुक्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव बिना पार्टी सिंबल के होते हैं। लेकिन कांग्रेस फिर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्य करेगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रदेश में खाली पड़े स्कूलों के भवनों को लेकर किए गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि 3 साल के कार्यकाल में सरकार ने 1300 के आसपास स्कूल बन्द, डाउनग्रेड किए हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जहां-जहां पर भी स्कूल भवन खाली पड़े हैं वहां पर युवक मंडल, महिला मंडलों को वह भवन इस्तेमाल करने के लिए भी विचार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द इन मामलों पर कार्य करेगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि 130 स्कूलों का चयन सीबीएसई को लागू करने को लेकर किया गया है उन्होंने कहा कि जल्द ही इसको लेकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी उन्होंने कहा कि 1988 प्रदेश में सीनियर सेकेंडरी स्कूल है ऐसे में 130 स्कूलों का चयन सीबीएसई को लागू करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि नए सेशन से इसे शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस दौरान कहा कि एनसीईआरटी और डाइट के लिए सरकार ने क्वालीफिकेशन निर्धारित की थी लेकिन अफसोस की बात है कि निर्धारित क्वालिफिकेशन को पूरा करने वाले अध्यापक नहीं मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा थी कि इन दोनों संस्थानों में एक निश्चित क्वालिफिकेशन को पूरा करने वाले स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी लेकिन क्वालिफिकेशन को पूरा करने वाले प्राध्यापक न मिलने के कारण सरकार इस पॉलिसी को लागू नहीं कर सकी।