भारत में दिवाली शॉपिंग पर टूट गए सभी रिकॉर्ड! गांव से शहरों तक लोगों ने खर्च किए 6 लाख करोड़ रुपये

Shoping on Diwali: भारत में दिवाली शॉपिंग का नया रिकॉर्ड बन गया है। लोगों ने दिवाली पर कुल 6.05 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है। CAIT के मुताबिक, ग्रामीण और सेमी-शहरी बाजार ने भी 28% योगदान दिया है। Diwali Shopping in India Create Record: देश के सबसे बड़े कारोबारी संगठनों में से एक कन्फेडरेशन […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 21 Oct 2025 22:02:PM
भारत में दिवाली शॉपिंग पर टूट गए सभी रिकॉर्ड! गांव से शहरों तक लोगों ने खर्च किए 6 लाख करोड़ रुपये

Shoping on Diwali: भारत में दिवाली शॉपिंग का नया रिकॉर्ड बन गया है। लोगों ने दिवाली पर कुल 6.05 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की है। CAIT के मुताबिक, ग्रामीण और सेमी-शहरी बाजार ने भी 28% योगदान दिया है।

Diwali Shopping in India Create Record: देश के सबसे बड़े कारोबारी संगठनों में से एक कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के मुताबिक इस साल दिवाली पर भारत में कुल 6.05 लाख करोड़ रुपये की शॉपिंग की है। इसमें 5.40 लाख करोड़ रुपये का हिस्सा वस्तुओं का और 65,000 करोड़ रुपये का हिस्सा सेवाओं का है। पिछले साल की तुलना में यह बिक्री लगभग 42% ज्यादा है, जो मजबूत कंज्यूमर सेंटिमेंट और हाल ही में हुए GST सुधार का नतीजा है।

कैट रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, दिवाली 2025 पर देशभर में कुल बिक्री 6.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची। इसमें 5.40 लाख करोड़ रुपये का वस्तु व्यापार और 65,000 करोड़ रुपये का सेवा व्यापार शामिल रहा। यह भारतीय व्यापार इतिहास का सबसे बड़ा त्योहारी कारोबार माना जा रहा है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और दिल्ली के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी दिवाली” के माध्यम से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को गहराई से प्रभावित करने में सफल रहे हैं। उनके अनुसार, मोदी की नीतियों ने छोटे व्यापारियों में आत्मविश्वास जगाया है और उपभोक्ताओं को भारतीय उत्पादों की ओर प्रेरित किया है।

भारतीय वस्तुओं की चमक, विदेशी उत्पादों की मांग में गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, 87% उपभोक्ताओं ने विदेशी वस्तुओं की बजाय भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दी। इसके चलते चीनी सामान की मांग में भारी कमी आई, जबकि भारतीय निर्मित वस्तुओं की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 25% बढ़ी। यह बदलाव “वोकल फॉर लोकल” अभियान की सफलता का प्रमाण है।

पारंपरिक बाजारों की वापसी, छोटे व्यापारियों की बड़ी जीत

रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार त्योहारी व्यापार में 25% की वृद्धि दर्ज की गई। गैर-कारपोरेट और पारंपरिक बाजारों ने कुल बिक्री में 85% का योगदान दिया, जिससे छोटे व्यापारियों की शानदार वापसी हुई। यह भारतीय खुदरा क्षेत्र के पुनरुत्थान का स्पष्ट संकेत है।

त्योहारी बिक्री में किन वस्तुओं की रही सबसे ज़्यादा मांग

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भारतीया ने बताया कि विभिन्न वस्तुओं की बिक्री में किराना एवं एफएमसीजी 12%, सोना–चाँदी 10%, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रिकल्स 8%, रेडीमेड परिधान 7%, गिफ्ट आइटम 7%, होम डेकोर और फर्नीचर 5-5%, मिठाई एवं नमकीन 5%, वस्त्र 4%, पूजन सामग्री, फल–मेवे और बेकरी 3-3%, फुटवियर 2% तथा अन्य वस्तुएं 19% रहीं।

सेवा क्षेत्र में भी अभूतपूर्व उछाल

सिर्फ वस्तुओं की ही नहीं, बल्कि सेवा क्षेत्र में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 65,000 करोड़ रुपये का कारोबार पैकेजिंग, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट और डिलीवरी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में हुआ। इससे रोजगार सृजन के नए अवसर भी बने।

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