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इस बार पूरे भारत में पड़ेगी हाड़ कंपाने वाली ठंड, जानिए इसके फायदा और नुकसान

Colder Winter 20225: कुछ समय पहले यह जानकारी सामने आई थी कि ला लीना के प्रभाव से देश में ठंड हाड़ कंपाने वाली होगी। Colder Winter 2025 : भारत में मानसून की वापसी लगभग हो गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो अभी देश में मौसम सुहावना है, […]
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Colder Winter 20225: कुछ समय पहले यह जानकारी सामने आई थी कि ला लीना के प्रभाव से देश में ठंड हाड़ कंपाने वाली होगी।

Colder Winter 2025 : भारत में मानसून की वापसी लगभग हो गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो अभी देश में मौसम सुहावना है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग और अमेरिकी जलवायु पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार इस बार ला लीना के प्रभाव से संभव है कि देश में ठंड ज्यादा पड़े।

इसका प्रभाव यह होगा कि उत्तर भारत के कई इलाकों में शीत लहर चलेगी और बर्फबारी की भी संभावना है। हालांकि मौसम विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं है कि इस बार पूरे भारत में ही हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ेगी। आइए समझते हैं क्या है ला लीना और इसका भारत पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है?

ला लीना किस तरह भारत के मौसम को प्रभावित करता है?

ला लीना के प्रभाव से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं पहुंचने लगती हैं, क्योंकि सर्दी के मौसम में उत्तर भारत में पश्चिम से हवाएं आती हैं। इसे पश्चिमी विक्षोभ भी कहा जाता है। ला लीना के प्रभाव से चूंकि समुद्र की ऊपरी सतह ठंडी रहती है, इसलिए भारत पहुंचने वाली हवाएं भी ठंडी होती है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी होती है, जो ठंड को बढ़ाता है।

इस बार भारत में मानसून काफी अच्छा रहा है। मौसम वैज्ञानिक इसके लिए ला लीना को ही कारण मानते हैं। मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि ला लीना नीना की वजह से देश में मानूस की बारिश अच्छी होती है और ग्राउंड वाटर का लेवल भी बढ़ जाता है। पर्यावरणविद सीमा जावेद यह कहती है कि ला लीना मौसम के लिए अच्छा है। देश में हर मौसम अच्छा होता है, जितनी गर्मी हमारे यहां पड़ती है सर्दी भी पड़ने चाहिए।

हां यह जरूर है कि अत्यधिक सर्दी की वजह से पाला ना पड़े, क्योंकि अगर पाला पड़ा तो फसलों को नुकसान होगा। जहां तक मौसम विभाग के पूर्वानुमान की बात है, तो निश्चित तौर पर वे यह कह रहे हैं सर्दी अच्छी पड़ेगी इस बार लेकिन पाला पड़ेगा या नहीं इसकी सटीक जानकारी विभाग नहीं दे सकता, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार ठंड अच्छी और सुकून वाली पड़ेगी।

ला लीना किसे कहते हैं ?

ला लीना समुद्र में होने वाली एक घटना है, जिसका प्रभाव प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में ज्यादा दिखता है। यहां की ट्रेंडी हवाएं तेजी से बहने लगती हैं, जिसकी वजह से समुद्र की ऊपर सतह ज्यादा ठंडी हो जाती है गर्म हवाएं पश्चिम की ओर खिसक जाती हैं। इसकी वजह से पश्चिम से पूर्व की ओर बहने वाली हवाएं ठंडी हो जाती हैं और भारत में ठंड सामान्य से अधिक पड़ती है?

अल नीनो और ला नीना में क्या है?

अल नीनो और ला नीना में दोनों समुद्री घटनाएं हैं। लेकिन अल नीनो की वजह से गर्मी ज्यादा होती है और ला नीन की वजह से सर्दी ज्यादा पड़ती है। अल नीनो के असर से बारिश कम होती है और ला नीना बारिश अधिक करवाती है।

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