गेमिंग बिल कैबिनेट से मंजूर, सट्टेबाजी के विज्ञापन पर भी रोक, 3 साल कैद और 1 करोड़ तक का जुर्माना
Online Gaming Bill regulating betting apps: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को मंजूरी दे दी है. जिसके अमल में आने के बाद देश में ऑनलाइन प्लेटफार्म्स पर जुआ खेलना और सट्टेबाजी करना दंडनीय अपराध हो गया है. गेमिंग बिल, सट्टेबाजी ऐप्स को विनियमित करने के साथ जुए पर खेलने वालों को सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाएगा. सरकारी गेमिंग बिल ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म को एक कानूनी ढांचे के तहत लाने और डिजिटल ऐप के माध्यम से जुआ खेलने पर दंड लगाने का प्रयास करता है.
सरकार कर रही निगरानी
केंद्र सरकार बीते कुछ सालों से काली कमाई के इस सेक्टर की निगरानी कड़ी कर रही है. इससे पहले उठाए गए सरकारी कदमों में अक्टूबर 2023 से, ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लागू किया गया है. वहीं खेलों से जीत पर वित्तीय वर्ष 2024-25 से 30% कर लगाया जाता है. यहां तक कि अपतटीय गेमिंग प्लेटफॉर्म को भी कर के दायरे में लाया गया है, और एजेंसियों के पास अपंजीकृत या अवैध साइटों को ब्लॉक करने का अधिकार है.
अब कितनी सजा? विज्ञापन करने वाले भी नपेंगे
सूत्रों के हवाले से खबर अब ऑनलाइन मनी गेम, मनी गेमिंग सेवा पर प्रतिबंध लग गया है. ऑनलाइन मनी गेम ऑफर करने की अनुमति नहीं होगी. ऑनलाइन मनी गेम से जुड़े विज्ञापनों पर भी रोक लगी. बैंकों, वित्तीय संस्थानों के जरिए लेन-देन पर रोक लग गई है. सरकार ने ऑनलाइन मनी गेम की परिभाषा तय कर दी है. इसमें कौशल या भाग्य आधारित सभी प्रकार के खेल शामिल किए गए हैं. खेल के लिए शुल्क चुकाना या धन जमा करने की शर्त का उल्लंघन पर 3 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान लगाया गया है. सट्टेबाजी वाले एप्स के विज्ञापन करने पर 2 साल की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा. वहीं गेम में लेन-देन करने पर 3 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगेगा.