शीतकालीन सत्र में सरकार पेश करेगी 10 नए विधेयक, देखें लिस्ट

Parliament Winter Session Bills: संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार 10 नए विधेयक पेश करेगी, जिसमें परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से लेकर उच्च शिक्षा सुधार से जुड़े बिल शामिल हैं। Government Will Introduce Major Bills in Parliament: संसद का शीतकालीन सत्र इस बार बेहद गर्म रहने वाला है। सरकार जहां लंबे […]
ਮਨਵੀਰ ਰੰਧਾਵਾ
By : Updated On: 27 Nov 2025 17:02:PM
शीतकालीन सत्र में सरकार पेश करेगी 10 नए विधेयक, देखें लिस्ट

Parliament Winter Session Bills: संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार 10 नए विधेयक पेश करेगी, जिसमें परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने से लेकर उच्च शिक्षा सुधार से जुड़े बिल शामिल हैं।

Government Will Introduce Major Bills in Parliament: संसद का शीतकालीन सत्र इस बार बेहद गर्म रहने वाला है। सरकार जहां लंबे समय से लंबित कई अहम विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। संकेत साफ हैं कि सत्र की बहस और कार्यवाही पर SIR का मुद्दा हावी रहेगा।

1 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार बड़े पैमाने पर रिफॉर्म ड्राइव चलाने जा रही है। इस सत्र में कुल 15 बैठक होने वाली हैं। इस छोटे लेकिन अहम सत्र में सरकार 10 नए बिल पेश करेगी और 2 अहम बिलों को सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोबारा मंजूरी के लिए लाएगी।

कौन-कौन से बड़े बिल सत्र में दिखेंगे?

लोकसभा बुलेटिन के मुताबिक, इस सत्र में कुल 10 नए बिल पेश होंगे। इनमें सबसे अहम Insurance Amendment Bill है, जिसमें कंपोजिट लाइसेंस और इंश्योरेंस सेक्टर में 100% FDI की राह खोलने का प्रावधान है। इससे इंश्योरेंस इंडस्ट्री में कैपिटल इनफ्लो बढ़ने और कॉम्पिटिशन तेज होने की उम्मीद है।

मार्केट रेगुलेशन: सरकार Securities Markets Code Bill भी पेश करेगी, जो SEBI Act, Depositories Act और Securities Contracts Regulation Act को एक कॉम्प्रिहेंसिव कोड में मर्ज कर देगा। इसका मकसद मार्केट रेगुलेशन को इंटीग्रेट और सिंपल बनाना है।

सदन में लौटेंगे दो अहम बिल

मॉनसून सत्र में सेलेक्ट कमेटी के पास भेजे गए दो अहम बिल Jan Vishwas (Amendment) Bill और IBC Amendment Bill इस बार दोबारा संसद में लौटेंगे। Jan Vishwas Bill दर्जनों छोटे कंप्लायंस अपराधों को डिक्रिमिनलाइज करता है, जबकि IBC में बड़े बदलावों के जरिए कर्जदार-लेनदार के विवादों को तेजी से खत्म करने पर फोकस है। नई व्यवस्था में Creditor-Initiated Insolvency Resolution Process (CIIRP) जैसे प्रावधान भी शामिल हैं।

न्यूक्लियर सेक्टर पर भी बड़ी तैयारी

Corporate Laws Amendment Bill और Arbitration & Conciliation Bill के जरिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस को स्ट्रॉन्ग और विवाद समाधान को फास्ट-ट्रैक बनाने का प्रयास होगा। वहीं, Atomic Energy Bill के जरिये सरकार सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री का रास्ता साफ कर सकती है। यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

ये बिल भी होंगे शामिल

सत्र में Manipur GST Amendment Bill और Constitution (131st Amendment) Bill, 2025 भी लाए जाएंगे। 131वें संशोधन में चंडीगढ़ को Article 240 के तहत उन UTs की श्रेणी में लाने का प्रस्ताव है, जहां विधानमंडल नहीं है। पंजाब की राजनीति में इस मसौदे को लेकर खासा विवाद है।

यह सत्र सरकार के लिए अहम इसलिए भी है क्योंकि 31 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से पहले यह आखिरी विधायी विंडो है। ऐसे में सरकार चाहती है कि प्रमुख आर्थिक और प्रशासनिक रिफॉर्म यहीं क्लियर करा लिए जाएं, ताकि बजट में ग्रोथ-ड्रिवन प्लान को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत कानूनी बैकबोन तैयार रहे।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad