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एनीमिया के खिलाफ चल रही मुहिम में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए बना प्रेरणा का स्रोत : आरती सिंह राव

Haryana anemia free India ranking 2025-26– हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि एनीमिया के खिलाफ चल रही मुहिम में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। राज्यने “एनीमिया मुक्त भारत” स्कोरकार्ड 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। हरियाणा का […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 15 May 2026 19:17:PM
एनीमिया के खिलाफ चल रही मुहिम में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए बना प्रेरणा का स्रोत : आरती सिंह राव

Haryana anemia free India ranking 2025-26– हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि एनीमिया के खिलाफ चल रही मुहिम में हरियाणा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। राज्य
ने “एनीमिया मुक्त भारत” स्कोरकार्ड 2025–26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। हरियाणा का यह प्रदर्शन एनीमिया को कम करने के प्रति राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा ने 86.5 के एएमबी इंडेक्स के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। वर्ष 2024–25 में हरियाणा पांचवें स्थान पर था, जिससे इस वर्ष की रैंकिंग में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह उपलब्धि बहुआयामी रणनीति का परिणाम है। इसके तहत एनीमिया उन्मूलन माह के दौरान विशेष अभियान, 100-दिवसीय एनीमिया नियंत्रण अभियान, और राज्य द्वारा विकसित एनीमिया ट्रैकिंग वेब एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा प्रबंधन किया गया।

उन्होंने बताया कि एएमबी स्कोरकार्ड, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है, जिसमें आयरन और फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंटेशन की कवरेज को पांच प्रमुख वर्गों “6 से 59 माह के बच्चे, 5 से 9 वर्ष के स्कूली बच्चे, 10 से 19 वर्ष के किशोर, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं” में मापा जाता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि हरियाणा उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां लगातार वर्षों से 5–9 वर्ष के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में 95 प्रतिशत तक की उच्चतम कवरेज बनी हुई है। वहीं, स्तनपान कराने वाली माताओं में IFA कवरेज 2024–25 के 72.3 प्रतिशत से बढ़कर 2025–26 में 72.8 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औसत 65.4 के मुकाबले 86.5 का एएमबी इंडेक्स हरियाणा को देश के शीर्ष दो राज्यों में शामिल करता है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) हरियाणा के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने बताया कि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें, आईएफए दवाओं की अंतिम छोर तक आपूर्ति सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य, आईसीडीएस और शिक्षा विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तथा एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण ने इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही, कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से एनीमिया रोकथाम को बढ़ावा दिया गया है।

डॉ ढिल्लों ने कहा कि हरियाणा का यह प्रदर्शन देश में एनीमिया के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

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