हरियाणा पुलिस का ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’: 4 दिनों में अपराध जगत पर वज्रपात, 495 अपराधी गिरफ्तार
चंडीगढ़– हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश में अपराधियों के हौसले पस्त करने और कानून का राज स्थापित करने के लिए चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 दिसंबर से शुरू हुए इस महा-अभियान के पहले चार दिनों (4 दिसंबर तक) के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि पुलिस ने अपराध की जड़ों पर गहरा प्रहार किया है। इन चार दिनों के भीतर पुलिस ने राज्य भर में 2219 हॉटस्पॉट्स (अपराध संभावित क्षेत्रों) को खंगाला और कुल 280 नए मामले दर्ज करते हुए 495 अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है।
चौथे दिन का ‘प्रहार’: एक ही दिन में 165 गिरफ्तार
ऑपरेशन की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभियान के चौथे दिन (4 दिसंबर) पुलिस की कार्रवाई सबसे ज्यादा आक्रामक रही। अकेले इस दिन पुलिस ने 707 ठिकानों पर दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप 92 मुकदमे दर्ज किए गए और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि पुलिस का शिकंजा दिन-प्रतिदिन कसता जा रहा है।
नशे के सौदागरों की कमर टूटी: 4 दिनों में भारी बरामदगी
पिछले चार दिनों में हरियाणा पुलिस ने नशा तस्करों के नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया है। 4 दिसंबर तक के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस ने 210.4 किलोग्राम डोडा पोस्त, 8.13 किलोग्राम गांजा, 2.918 किलोग्राम अफीम और 4800 प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद की हैं। इसके अलावा 784 ग्राम चरस, 590 ग्राम हेरोइन और 69 ग्राम स्मैक भी जब्त की गई है। चौथे दिन की कार्रवाई में विशेष रूप से सिरसा और फतेहाबाद में तस्करों पर बड़ी चोट की गई, जहां एक ही दिन में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े गए।
शराब माफिया और अवैध हथियारों पर शिकंजा
अवैध शराब और हथियारों के खिलाफ भी पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। पिछले 96 घंटों में पुलिस ने 1893 बोतल देसी शराब और 1389 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की है, जबकि 1810 लीटर लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। हथियार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 7 पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आर्म्स एक्ट के तहत कुल 26 मामले दर्ज किए गए हैं और 33 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गैंगस्टर्स पर ‘दोहरी मार’: जेल के साथ संपत्ति पर भी बुलडोजर
अपराधियों को केवल जेल भेजने तक ही पुलिस सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी आर्थिक कमर तोड़ने का काम भी बखूबी किया गया है। पिछले चार दिनों में हिंसक अपराधियों की अपराध से अर्जित 8 संपत्तियों को अटैच (कुर्क) किया गया है और 7 अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, अपराधियों के विदेश भागने के रास्तों को बंद करने के लिए 11 पासपोर्ट रद्द करने के प्रस्ताव भेजे गए हैं और 113 ‘लुक आउट सर्कुलर’ जारी किए गए हैं। पुलिस ने 90 फरार हिंसक अपराधियों को गिरफ्तार करने में भी बड़ी सफलता हासिल की है।
जघन्य अपराधों में त्वरित न्याय: कैथल के मामले
ऑपरेशन के दौरान पुलिस की तत्परता जघन्य अपराधों को सुलझाने में भी देखने को मिली। कैथल में 20 वर्षीय युवक आशु की निर्मम हत्या के मामले में एसपी उपासना के निर्देश पर स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को दबोच लिया। वहीं, एनआईआईएलएम (NIILM) यूनिवर्सिटी के गेट पर हुई फायरिंग और गुंडागर्दी के मामले में भी पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए 3 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।
साइबर सुरक्षा और ‘खाकी’ का मानवीय चेहरा
डिजिटल दुनिया में भी पुलिस मुस्तैद नजर आई। साइबर हेल्पलाइन 1930 की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 59 लाख रुपये ठगों के खातों में जाने से पहले ही फ्रीज कर दिए और 22 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
कठोर कार्रवाई के बीच पुलिस ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। पिछले चार दिनों में पुलिसकर्मियों ने राज्य भर में 965 ऐसे लोगों की सहायता की जो विपत्ति में थे या जरूरतमंद थे। यह आंकड़ा साबित करता है कि ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ का उद्देश्य सिर्फ अपराधियों में खौफ पैदा करना नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का भाव जगाना भी है।