हरियाणा पुलिस का ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’: एक ही दिन में 797 ठिकानों पर दबिश, 197 अपराधी गिरफ्तार
चंडीगढ़,12 दिसंबर। प्रदेशव्यापी सुरक्षा चक्र और सघन तलाशी अभियान हरियाणा पुलिस ने अपराध मुक्त राज्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 11 दिसंबर 2025 को राज्य स्तरीय ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ चलाया। इस व्यापक अभियान के तहत प्रदेश भर में चिन्हित 797 हॉटस्पॉट (अपराध संभावित क्षेत्रों) पर एक साथ छापेमारी की परिणामस्वरूप राज्य भर में अलग-अलग आपराधिक गतिविधियों के तहत कुल 94 नए मामले दर्ज किए गए। इनमें आर्म्स एक्ट के 9 मामले भी शामिल रहे। पुलिस की मुस्तैदी ने केवल एक दिन के भीतर 197 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने 44 हिंसक अपराधियों और अवैध हथियार रखने के जुर्म में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, अपराधियों के विदेश भागने की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए पुलिस ने 7 हिंसक अपराधियों के पासपोर्ट रद्द करने के प्रस्ताव भेजे हैं और एक अपराधी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया है। राज्यों के बीच अपराध नियंत्रण में सहयोग बढ़ाते हुए हरियाणा पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ 27 महत्वपूर्ण खुफिया इनपुट (Intelligence Reports) भी साझा किए।
विभिन्न जिलों की विशिष्ट उपलब्धियां और प्रहार
इस ऑपरेशन में हरियाणा के अलग-अलग जिलों ने अपराध नियंत्रण में मुख्य भूमिका निभाई। गुरुग्राम पुलिस ने सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 स्थानों पर कॉम्बिंग करते हुए 20 मामले दर्ज करते हुए 7 कुख्यात, अवैध हथियार रखने के 2 समेत 40 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीँ सोनीपत पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 56 स्थानों पर छापे मारे, 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में यानी 450 लीटर नकली वीटा घी (Fake Vita Ghee) और साढ़े 12 हज़ार रूपए से अधिक नकद बरामद किया। वहीं, अम्बाला पुलिस ने 49 स्थानों पर छापेमारी करते हुए 4 हिंसक अपराधियों समेत 8 आरोपी गिरफ्तार किए और 2 गाड़ी और एक दोपहिया वाहन ज़ब्त की। कैथल पुलिस ने 21 गिरफ्तारियां कीं, जिनमें 10 कुख्यात अपराधी शामिल रहे, जो कल कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी में सर्वाधिक रही।
नशे और अवैध शराब की प्रदेश भर में बरामदगी
साइबर अपराध और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई आधुनिक अपराधों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क पर भी चोट की। नूंह पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को जब्त करते हुए 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड बरामद किए। इसके साथ ही नशा तस्करों के खिलाफ अभियान में पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी और वाहन जब्त किए। नशे के खिलाफ कल की गई कार्रवाई में कल पुलिस ने 6.8 किलो ग्राम गांजा, 66.15 ग्राम हेरोइन, 11 ग्राम स्मैक, 2 किलो ग्राम चुरा पोस्त और 200 ग्राम अफ़ीम बरामद की। इसके अलावा प्रदेश पुलिस ने 200 टेबलेट, 150 कैप्सूल, 60 बियर, 96 अंग्रेजी शराब बोतल, 733 बोतल देसी शराब, 95 लीटर अवैध शराब, 76 लीटर लाहन और 90 हज़ार रूपए से अधिक नकद की बरामदगी की है।
616 ज़रूरतमंद तक पहुंची प्रदेश पुलिस, गुरुग्राम पुलिस सबसे आगे
सामाजिक सरोकार और जनसेवा की मिसाल पर कायम रहते हुए हरियाणा पुलिस ने मानवीय मूल्यों और सामाजिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन किया। ‘सेवा, सुरक्षा और सहयोग’ के अपने आदर्श वाक्य को चरितार्थ करते हुए पुलिस कर्मियों ने इस अभियान के दौरान प्रदेश भर में 616 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त व्यक्तियों की सहायता की। इसमें गुरुग्राम जिले (222), सिरसा (75), अम्बाला (75), फरीदाबाद (54) और पंचकूला (50) जिले ने मुख्य भूमिका निभाई। और इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने राज्य भर में 13 गन हाउसों (Gun Houses) का निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए, ताकि हथियारों का दुरुपयोग रोका जा सके।
पंचकूला: तस्कर गिरफ्तार, अंधेरे का फायदा उठाकर भागे थे, 4 दिन बाद सलाखों के पीछे पहुंचे
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 दिसंबर की रात डिटेक्टिव स्टाफ को सूचना मिली थी कि चंडीगढ़ से एक कार में अवैध शराब लोड होकर यूपी (सहारनपुर) जाने वाली है। टीम ने गांव टाबर के पास जाल बिछाया। जैसे ही तस्करों की गाड़ी नाके पर पहुंची, पुलिस को देख उन्होंने कार की लाइटें बंद कर दीं और गाड़ी छोड़कर घने अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेतों में गायब हो गए।
पुलिस ने उस रात गाड़ी से 65 पेटी अवैध शराब बरामद की लेकिन डिटेक्टिव स्टाफ ने हार नहीं मानी। सुराग दर सुराग जोड़ते हुए 10 दिसंबर को पुलिस ने दोनों आरोपी रविंद्र (यमुनानगर) और सागर (कुरुक्षेत्र) को दबोच लिया। अब रिमांड के दौरान पुलिस यह उगलवाएगी कि चंडीगढ़ से यूपी तक इनका नेटवर्क किन-किन रास्तों से गुजरता है।
4 साल से पुलिस को चकमा दे रहा 5 हजारी इनामी बदमाश गिरफ्तार
हांसी पुलिस ने ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट’ के तहत सीआईए स्टाफ ने दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाए। पहले ऑपरेशन में पुलिस ने यूपी के हाथरस निवासी रोहित को गिरफ्तार किया, जो हांसी के युवाओं को हथियार सप्लाई करने आया था। उसके पास से देसी कट्टा और कारतूस मिले। वहीँ एक अन्य केस में पुलिस ने आशिष नाम के उस शातिर हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया, जो पिछले 4 साल से फरार था और जिस पर 5 हजार का इनाम था। आशिष ने 2021 में हिसार में हथियार सप्लाई किए थे और तब से वह पुलिस के साथ लुका-छिपी खेल रहा था। इन गिरफ्तारियों से यूपी से हरियाणा आने वाले हथियारों के नेटवर्क को भारी झटका लगा है।
फरीदाबाद पुलिस का ‘मास्टरस्ट्रोक’—साइबर ठग, रंगदार और डकैत, सब एक साथ नपे
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में पुलिस ने एक साथ तीन मोर्चों पर बड़ी जीत हासिल की है। पहले मामले में फरीदाबाद के डबुआ कॉलोनी की एक महिला अपनी घरेलू परेशानियों से जूझ रही थी। समाधान के लिए उसने इंस्टाग्राम का सहारा लिया। ‘समस्या समाधान’ का दावा करने वाले एक रील (Reel) के जाल में फंसकर उसने एक तांत्रिक बाबा से संपर्क किया। साइबर थाना NIT की जांच में सामने आया कि स्क्रीन के पीछे कोई बाबा नहीं, बल्कि राजस्थान के दो शातिर ठग करन और अभिषेक बैठे थे। इन्होंने महिला को बातों में उलझाकर और डराकर 1,26,571 रुपये ठग लिए। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए इनका पीछा किया और दिल्ली से इन्हें गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक आरोपी बीए पास है, जो अपनी शिक्षा का इस्तेमाल जुर्म के लिए कर रहा था। वहीँ दूसरे मामले में, दुकान में घुसकर गुंडागर्दी (स्ट्रीट क्राइम) दूसरी घटना ने शहर के व्यापारियों में दहशत पैदा कर दी थी।
डबुआ इलाके में एक दुकानदार अपनी दुकान पर बैठा था, तभी कमल भडाना गैंग के गुर्गे वहां आ धमके। पहले उन्होंने काम बंद करने की धमकी दी, और जब दुकानदार नहीं माना, तो 12 मार्च की शाम को लाठी-डंडों के साथ दुकान पर हमला बोल दिया। बदमाश मारपीट कर गल्ले से पैसे लूट ले गए। अपराध शाखा सेंट्रल ने इस चुनौती को स्वीकार किया और गैंग के चार गुर्गों—प्रथम, दिलशाद, मुकेश और सौरव—को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुला कि जेल में बंद सरगना कमल भडाना के इशारे पर ही ये लोग बाजार में अपनी दहशत कायम करने निकले थे, लेकिन अब वे खुद पुलिस रिमांड पर हैं।
तीसरा मामला डकैती से जुड़ा है जिसमें जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में एक परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूट हुई थी। क्राइम ब्रांच AVTS ने जब इसकी परतें खोलीं, तो पता चला कि डकैती की पटकथा घर में पेंट करने वाले संदीप उर्फ शेरू ने लिखी थी। उसने घर की एक-एक जानकारी यूपी के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बिरेन्द्र उर्फ काका को दी। बिरेन्द्र, जिस पर हत्या और लूट के 13 मुकदमे दर्ज हैं, ने अपनी टीम के साथ हथियारों के बल पर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में हार नहीं मानी और बिरेन्द्र को बुलंदशहर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर खींच निकाला। अब वह 3 दिन के रिमांड पर है और पुलिस उससे लूटा गया 2.5 किलो चांदी और सोना बरामद करने की तैयारी में है।
हरियाणा पुलिस का साइबर प्रहार: ठगों के 1.13 करोड़ होल्ड, 25 गिरफ्तार
हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए आज हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त 333 शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की। ठगों ने करीब 99 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ठगी की राशि से भी अधिक, कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये फ्रीज कर दिए। होल्ड की गई यह राशि रिपोर्ट की गई रकम का लगभग 114% है, जिससे यह साबित होता है कि आज ठग लूटने के बजाय अपने ही पैसे गंवा बैठे। वहीँ, कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 25 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 4,71,000 रुपये बरामद किए। इसके अलावा, पीड़ितों को तत्काल राहत देते हुए 5,42,860 रुपये की राशि उनके खातों में सफलतापूर्वक रिफंड कराई गई।