Banner
Banner

करूर भगदड़ पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, भगदड़ की जांच नहीं करेगी CBI, SIT को सौंपा जिम्मा

Karur Stampede: 27 सितंबर को करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में हुई भगदड़ मची थी. भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने बीजेपी की नेता उमा आनंदन की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें करूर भगदड़ की जांच सीबीआई से कराने की […]
Amritpal Singh
By : Updated On: 03 Oct 2025 17:56:PM
करूर भगदड़ पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, भगदड़ की जांच नहीं करेगी CBI, SIT को सौंपा जिम्मा

Karur Stampede: 27 सितंबर को करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली में हुई भगदड़ मची थी. भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। मद्रास हाई कोर्ट ने बीजेपी की नेता उमा आनंदन की उस याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया, जिसमें करूर भगदड़ की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी।

Madras High Court on Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में एक्टर विजय की रैली में हुई भगदड़ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग की याचिका को खारिज कर दिया है। इस घटना को लेकर बीजेपी नेता उमा आनंदन ने मद्रास हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट के मदुरै बेंच जाने का निर्देश दिया। बीजेपी नेता ने अपनी याचिका में अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था।

मद्रास हाईकोर्ट ने करूर भगदड़ मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मदुरै बेंच के जस्टिस धंदापानी ने कहा कि याचिकाकर्ता का किसी पीड़ित से कोई संबंध नहीं है। हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि भविष्य में राजमार्गों के पास कोई भी सार्वजनिक रैली आयोजित नहीं की जाएगी। कोर्ट ने भगदड़ की जांच का जिम्मा SIT को सौंपा है।

मद्रास HC ने SIT को सौंपा करूर भगदड़ की जांच का जिम्मा

मद्रास उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि घटना की जांच के लिए I.G. (उत्तर) असरा गर्ग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। करूर पुलिस को सभी संबंधित दस्तावेज तुरंत SIT को सौंपने का निर्देश दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम धंदापानी और न्यायमूर्ति एम जोतिरमन ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट को ‘राजनीति का अखाड़ा न बनाएं’।

टीवीके नेता की जमानत याचिका भी खारिज

जस्टिस एन. सेंथिलकुमार ने इसी मामले में टीवीके के जिला सचिव एन. सतीश कुमार से जुड़ी अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया। जमानत याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने पार्टी के भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहने पर सवाल उठाए। कोर्ट ने समर्थकों के अनियंत्रित व्यवहार की ओर भी इशारा किया। एक्टर विजय के रोड शो के दौरान टीवीके के समर्थकों ने तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। पुलिस ने इस घटना में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पार्टी सदस्यों के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज की हैं। जिसमें टीवीके के जिला सचिव भी शामिल हैं।

करूर में क्या हुआ था?

बता दें कि 27 सितंबर को करूर में विजय की पार्टी TVK की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी जिसमें मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 तक पहुंच गई। मृतकों में 10 बच्चे (5 लड़के और 5 लड़कियां), 17 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं। करीब 100 से अधिक लोग भगदड़ में घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआत में इस मामले की जांच करूर के पुलिस उपाधीक्षक सेल्वराज कर रहे थे, लेकिन बाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमानंद को उच्च-स्तरीय जांच का जिम्मा सौंपा गया है। अब मद्रास हाई कोर्ट ने जांच का जिम्मा SIT को सौंप दिया है।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad