रिश्वतखोरी मामले में बड़ी कार्रवाई: रीडर तहसीलदार के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश
Ambala Vigilance Bureau action: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय चौहान, रीडर तहसीलदार, कलायत (जिला कैथल) के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत माननीय न्यायालय कैथल में चालान प्रस्तुत कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला शिकायतकर्ता कर्ण सिंह द्वारा दी गई शिकायत से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, उनकी पुस्तैनी भूमि (221 कनाल 16 मरले) की सनद तकसीम का केस तहसील कलायत में लंबित था। आरोप है कि आरोपी विजय चौहान, जो तहसीलदार का रीडर है, जानबूझकर केस की जरूरी कार्यवाही (जिमनी) पूरी नहीं कर रहा था, जिससे केस का निर्णय लंबित बना रहे। इस कार्य के बदले आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता से ₹5,000 रिश्वत की मांग की गई।
जांच और कार्रवाई
शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अम्बाला ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की| जांच के दौरान, 03 जुलाई 2025 को आरोपी विजय चौहान को गिरफ्तार किया गया। बाद में, 12 अगस्त 2025 को माननीय अदालत कैथल के आदेशानुसार आरोपी को नियमित जमानत मिल गई।
अब तक की प्रगति
साक्ष्यों के आधार पर जांच पूर्ण करते हुए ब्यूरो ने अब आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश कर दिया है, जिससे मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
संदेश स्पष्ट है:
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य करते हुए दोषियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।