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NEET री-एग्जाम का खौफ: 24 घंटे में दो और होनहारों ने तोड़ा दम; 36 दिनों में 12 छात्रों की मौत से देश स्तब्ध

गंभीर स्थिति: 3 मई को हुआ नीट-यूजी का पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया था। अब आगामी 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-Exam) का दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। पिछले 36 दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से 12 परीक्षार्थी मौत को गले लगा चुके […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 18 Jun 2026 17:24:PM
NEET री-एग्जाम का खौफ: 24 घंटे में दो और होनहारों ने तोड़ा दम; 36 दिनों में 12 छात्रों की मौत से देश स्तब्ध

गंभीर स्थिति: 3 मई को हुआ नीट-यूजी का पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया था। अब आगामी 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (Re-Exam) का दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। पिछले 36 दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से 12 परीक्षार्थी मौत को गले लगा चुके हैं।

ताजा घटनाएं: पिछले 24 घंटों का दर्दनाक सच

1. गुजरात (अहमदाबाद): छठी मंजिल से लगाई छलांग

अहमदाबाद के न्यू राणिप इलाके में रहने वाले 17 वर्षीय छात्र कहान पटेल ने अपने घर की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। गुरुवार सुबह पुलिस को सोसाइटी में एक लड़के के खून से लथपथ पड़े होने की सूचना मिली थी, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कहान के मामा के मुताबिक, उसकी पहली परीक्षा बहुत अच्छी रही थी और वह दोबारा परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। उसने कभी तनाव की बात नहीं कही थी। पुलिस अब दोस्तों से पूछताछ कर रही है, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

2. तमिलनाडु (कोयंबटूर): मेडिकल सीट न मिलने के डर से निगला जहर

कोयंबटूर की 19 साल की छात्रा अनुकीर्तना ने बुधवार सुबह जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कदम उठाने से पहले उसने अपने रिश्तेदारों को वॉट्सऐप पर एक भावुक मैसेज भेजा था। अनुकीर्तना ने लिखा था कि 3 मई की परीक्षा अच्छी होने के बाद वह मेडिकल कॉलेज में एडमिशन की उम्मीद कर रही थी, लेकिन पेपर रद्द होने से वह टूट गई। उसे डर था कि दोबारा परीक्षा में अगर वह फेल हो गई, तो पिता द्वारा पढ़ाई पर खर्च किए गए पैसों और उनके भरोसे का सामना कैसे करेगी।

तनाव की वेदी पर चढ़ीं 12 जिंदगियां (3 मई से 17 जून तक का आंकड़ा)

नीट विवाद के बाद से देश के विभिन्न राज्यों में छात्रों की खुदकुशी के आंकड़े डराने वाले हैं। अब तक उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में 2-2 छात्रों ने, जबकि उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में 1-1 छात्र ने अवसाद के कारण जान दी है।

तारीखछात्र/छात्रा और उम्रस्थानस्थिति / वजह
14 मईअज्ञात परीक्षार्थीगोवापेपर लीक के बाद देश का पहला मामला।
14 मईऋतिक (21 वर्ष)लखीमपुर खीरी (उ.प्र.)परीक्षा रद्द होने के सदमे में कदम उठाया।
14 मईअज्ञात छात्रा (20 वर्ष)दिल्लीमानसिक तनाव के चलते जान दी।
16 मईप्रदीप मेघवाल (22 वर्ष)राजस्थानदोबारा परीक्षा के दबाव को नहीं झेल सका।
20 मईआकांक्षा चतुर्वेदीमध्य प्रदेशरी-एग्जाम के डर से अवसाद में थी।
25 मईअज्ञात छात्रलातूर (महाराष्ट्र)नीट परीक्षा के विवाद से परेशान था।
13 जूनअज्ञात छात्रा (17 वर्ष)दिल्लीअपने घर में मृत पाई गई, पुलिस जांच जारी।
15 जूनउमेश (22 वर्ष)सीकर (राजस्थान)3 बार नीट दे चुका था, इस बार दबाव बढ़ गया।
16 जूनअज्ञात छात्रा (17 वर्ष)लखनऊ (उ.प्र.)आगामी परीक्षा के खौफ में फांसी लगाई।
16 जूनरिया कुमारी (23 वर्ष)देहरादून (उत्तराखंड)सुसाइड नोट लिखकर जीवन समाप्त किया।
17 जूनअनुकीर्तना (19 वर्ष)कोयंबटूर (तमिलनाडु)पिता के पैसे बर्बाद होने के डर से जहर खाया।
17 जूनकहान पटेल (17 वर्ष)अहमदाबाद (गुजरात)बिल्डिंग की छठी मंजिल से कूदकर जान दी।

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