आज से लागू Online Gaming Bill 2025, 66,000 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
Online Gaming Bill 2025: ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है. बिल के नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो गए हैं. ये तेजी से बढ़ती गेमिंग इंडस्ट्री को नियंत्रित और सुरक्षित करने के लिए लाया गया है। भारत का ऑनलाइन गेमिंग बाजार 2023 में 33 हज़ार करोड़ का था और 2028 तक इसके 66 हज़ार करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. लेकिन इस विकास के साथ जुआ, लत और धोखाधड़ी जैसी समस्याएं भी बढ़ीं हैं।
इस बिल के तहत E-Sports को आधिकारिक मान्यता दी गई है और इसके लिए ट्रेनिंग व रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे. बच्चों, युवाओं के लिए सुरक्षित व एजुकेशनल गेम्स को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, रम्मी, पोकर, बेटिंग और फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे मनी गेम्स पर पूरी तरह बैन रहेगा। नियम तोड़ने वालों को 3 से 5 साल की जेल और 2 करोड़ का जुर्माना हो सकता है. यह कानून युवाओं को सुरक्षित गेमिंग माहौल देगा, परिवारों को कर्ज और नुकसान से बचाएगा और भारत को वैश्विक ई-स्पोर्ट्स और डिजिटल गेमिंग हब बनाने में मदद करेगा।
IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि पैसे वाले खेल भले ही धीरे-धीरे बंद हो रहे हों, लेकिन सरकार द्वारा ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने से इस उद्योग में अभी भी अपार संभावनाएँ हैं।
मंत्री ने पहले कहा था कि ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग भारत को एक वैश्विक गेम डेवलपमेंट हब के रूप में उभरने में मदद करेंगे।
मंत्री ने कहा के “हमने मनी लॉन्ड्रिंग के साथ-साथ आतंकवाद को समर्थन देने के मामले देखे हैं। इसीलिए हमने इसे रोक रखा है… यह उद्योग जगत को भी साफ़ दिखाई दे रहा था। अगर उन्होंने नुकसान को रोकने के लिए अच्छे और प्रभावी कदम उठाए होते, तो ज़ाहिर है हालात अलग होते।” ड्रीम11, गेम्स24×7, एमपीएल और विनज़ो जैसी शीर्ष गेमिंग कंपनियों ने तब से मनी गेम्स बंद कर दिए हैं और दर्शकों से जुड़ने के लिए नए क्षेत्रों में कदम रखा है।