पंचकूला पुलिस ने ज्वैलर को किया गिरफ्तार, चोरी के आरोपियों से 8 लाख के गहने सस्ते दाम मे खरीदने का दोष
Haryana Crime News: दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया जिसके दौरान उनसे गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने वारदात की पुष्टि की।
Panchkula Police: पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने चोरी के मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए उस ज्वैलर को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी के आरोपियों से गहने सस्ते दामों पर खरीदकर अपराध को बढ़ावा दिया।
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने जानकारी देते हुए बताया कि 2 जनवरी को पंचकूला स्थित सेक्टर-10 चौकी में एक स्थानीय निवासी ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उनका परिवार कुछ काम से बाहर गया हुआ था और घर लौटने पर पाया कि अलमारी के ताले टूटे पड़े थे तथा उसमें रखी ज्वैलरी और नकदी गायब थी। इस संबंध में थाना सेक्टर-5 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस ने हासिल किया रिमांड
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 के इंचार्ज मुकेश सैनी की टीम ने आधार पर दो आरोपियों संदीप कुमार उर्फ संजू और जगजीत सिंह उर्फ जग्गा को 3 नवंबर को गिरफ्तार किया। दोनो अंबाला के रहने वाले है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया जिसके दौरान उनसे गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने वारदात की पुष्टि की और पुलिस को 20 हजार रुपये नकद भी बरामद करवाया। दोनों ने बताया कि चोरी किए गए सोने के गहने उन्होंने विनय वर्मा पुत्र त्रिलोकीनाथ निवासी जिला अंबाला को बेच दिए थे।
आरोपी ने अपने घर से बरामद करवाया सामान
इस खुलासे के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए 17 नवंबर को विनय वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन उसे अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपी ने अपने अंबाला स्थित घर से चोरी का सामान बरामद करवाया, जिसमें एक सोने का हार, दो सोने के झुमके, एक गोल्ड पेंडेंट और चार सोने की अंगूठियाँ शामिल हैं। जिसका वजन 61 ग्राम है, बरामद गहनों की कुल कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी को 20 नवंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
डीसीपी क्राइम मनप्रीत सिंह सूदन ने इस अवसर पर आमजन को जागरूक करते हुए विशेष अपील की है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह का सेकेंड हैंड सामान खरीदते समय उसकी रसीद, असली बिल, प्रमाण पत्र, विक्रेता की पहचान और सामान की वास्तविकता से संबंधित दस्तावेज अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि चोरी, लूट या डकैती का सामान खरीदना न सिर्फ नैतिक रूप से गलत है, बल्कि कानूनन भी एक गंभीर अपराध है।
डीसीपी क्राइम ने बताया कि बीएनएस की धारा 317 के तहत चोरी व ड़कैती का सामान खरीदने, रखने या छिपाने पर आजीवन कारावास और जुर्माने तक का प्रावधान है। साथ ही उन्होंने दुकानदरों, ज्वैलर्स और ऑनलाइन/ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर सेकेंड हैंड सामान बेचने वालों को भी चेतावनी दी कि वे बिना वैध दस्तावेज के किसी भी वस्तु को न खरीदें और न बेचें।
डीसीपी क्राइम ने कहा कि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, अपराधियों के लिए प्रोत्साहन का काम करती है। यदि लोग ऐसे सामान को खरीदना बंद कर दें, तो चोरी और लूट जैसे अपराध कम हो जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि कहीं उन्हें संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध खरीद-फरोख्त की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।