स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश, ‘ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मिसाल बनेगा’
Draupadi Murmu Addresses Nation: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक ऐतिहासिक मिसाल के रूप में याद किया जाएगा।
79th Independence Day: स्वतंत्रता दिवस को लेकर पूरे देश में राष्ट्रप्रेम का माहौल देखा जा रहा है. गुरुवार शाम स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने अप्रैल में पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले को कायरतापूर्ण और पूरी तरह से अमानवीय करार दिया।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को निर्णायक तरीके और अडिग संकल्प के साथ अंजाम दिया गया। इसने साबित कर दिया कि हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार हैं।” राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यह अभियान मानवता की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इतिहास में दर्ज होगा और पहलगाम हमले के बाद देश ने एकजुट होकर जवाब दिया, जो उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया थी जो हमें बांटना चाहते थे।
ऑपरेशन सिंदूर ने बताया हम सही रास्ते पर: राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह दिखा दिया कि जब राष्ट्र की सुरक्षा का प्रश्न सामने आता है तब हमारे सशस्त्र बल किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम सिद्ध होते हैं। ऑपरेशन सिंदूर, प्रतिरक्षा के क्षेत्र में, ‘आत्मनिर्भर भारत मिशन’ की परीक्षा का भी अवसर था। अब यह सिद्ध हो गया है कि हम सही रास्ते पर हैं।
देश की अर्थव्यवस्था का भी ज़िक्र
मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है, महंगाई नियंत्रण में है और निर्यात बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षेत्र में, भारत की उपलब्धियां और भी उल्लेखनीय हैं। पिछले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘विदेशी शासन के लंबे वर्षों के बाद, स्वतंत्रता के समय भारत भीषण गरीबी में था। लेकिन उसके बाद के 78 वर्षों में, हमने सभी क्षेत्रों में असाधारण प्रगति की है। भारत एक आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की राह पर है और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।”
शुभांशु शुक्ला से लेकर इन खिलाड़ियों की भी की तारीफ
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि शुभांशु शुक्ला की International Space Station की यात्रा ने एक पूरी पीढ़ी को ऊंचे सपने देखने की प्रेरणा दी है। यह अन्तरिक्ष-यात्रा भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ‘गगनयान’ के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हमारी बेटियां हमारा गौरव हैं। वे प्रतिरक्षा और सुरक्षा सहित हर क्षेत्र में अवरोधों को पार करके आगे बढ़ रही हैं। खेल-कूद को उत्कृष्टता, सशक्तीकरण और क्षमताओं का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। विश्व शतरंज चैंपियनशिप के लिए ‘फिडे महिला विश्व कप’ का फाइनल मैच, 19 वर्ष की भारत की एक बेटी और 38 वर्ष की एक भारतीय महिला के बीच खेला गया।