पुणे में बड़ा हादसा, मलबे का पहाड़ गिरने से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की 3 मंजिला इमारत ढही
पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में भारी बारिश के बाद हुआ ‘कचरे का भूस्खलन’; प्रशासनिक भवन पर आ गिरा पूरा ढेर
NDRF और भारतीय सेना की टीमें राहत कार्य में जुटीं; वेंटिलेशन मशीनों से अंदर भेजी जा रही ऑक्सीजन ताकि जहरीली गैस से बचाया जा सके
पुणे/पिंपरी-चिंचवड़:
महाराष्ट्र के पुणे जिले के अंतर्गत आने वाले पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (Waste-to-Energy) प्रोजेक्ट साइट पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ पास ही मौजूद कचरे का एक विशाल पहाड़ (Legacy Waste Mound) भरभरा कर लैंडस्लाइड की तरह 3 मंजिला प्रशासनिक इमारत पर गिर गया, जिससे इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस मलबे के नीचे लगभग 15 से 20 कर्मचारियों और मजदूरों के दबे होने की आशंका है।
कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के कमिश्नर डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बताया कि मोशी कचरा डिपो में प्लांट की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत से महज 30 मीटर की दूरी पर ‘सैनिटरी लैंडफिल’ (कचरे का एक विशाल टीला) मौजूद था। पिछले दो-तीन दिनों में इलाके में 400 मिलीमीटर से अधिक भारी बारिश हुई है। इस अत्यधिक बारिश के कारण कचरे का वह विशाल पहाड़ ढीला पड़ गया और अचानक किसी पहाड़ी भूस्खलन की तरह खिसक कर सीधे प्रशासनिक इमारत पर आ गिरा, जिससे यह बड़ा ढांचा ढह गया और एक तरफ झुक गया।
युद्ध स्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना के वक्त इमारत के अंदर लगभग 20 लोग मौजूद थे। हादसे के तुरंत बाद 4 लोग किसी तरह खुद सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। घटना की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं:
- राहत टीमें तैनात: मौके पर स्थानीय पुलिस, पीसीएमसी फायर ब्रिगेड, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA), एनडीआरएफ (NDRF) और भारतीय सेना के दक्षिणी कमान (Southern Command) के जवान और इंजीनियर्स संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।
- 9 लोगों को सुरक्षित निकाला गया: अब तक की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में से 9 लोगों को जीवित और सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें तुरंत पास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया।
- जहरीली गैस का खतरा: मलबे के साथ भारी मात्रा में कचरा भी इमारत के अंदर घुस गया है। फायर ऑफिसर ऋषिकांत चिप्पाडे के अनुसार, कचरे के सड़ने से वहां जहरीली ‘मीथेन गैस’ बनने का खतरा है।
- ऑक्सीजन पंपिंग: फंसे हुए लोगों को घुटन से बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें ‘एक्सटर्नल मैकेनिकल वेंटिलेशन’ मशीनों का उपयोग कर रही हैं, ताकि मलबे के अंदर ताजी हवा और ऑक्सीजन की सप्लाई लगातार की जा सके। मौके पर 25 से अधिक कार्डियक एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
अधिकारियों की पैनी नजर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय सहित वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे, नगर निगम कमिश्नर और मेयर खुद मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल मलबे में फंसे बाकी लोगों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।