संचार साथी ऐप से जनता की आज़ादी पर खतरा, लोगों की निजता का उल्लंघन: अनुराग ढांडा

चंडीगढ़, 2 दिसंबर 2025: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार के संचार साथी ऐप और एसआईआर सिस्टम को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे साफ दिखता है कि वह जनता की निजता, अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान […]
Khushi
By : Updated On: 02 Dec 2025 18:52:PM
संचार साथी ऐप से जनता की आज़ादी पर खतरा, लोगों की निजता का उल्लंघन: अनुराग ढांडा

चंडीगढ़, 2 दिसंबर 2025: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार के संचार साथी ऐप और एसआईआर सिस्टम को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे साफ दिखता है कि वह जनता की निजता, अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं करती।

अनुराग ढांडा ने संचार साथी ऐप पर निशाना साधते हुए कहा, “मंत्री कह रहे हैं कि ऐप ज़रूरी नहीं है, चाहें तो डिलीट कर दो। लेकिन सरकारी नोटिफिकेशन में लिखा है कि इसे हटाया ही नहीं जा सकता। आखिर सच क्या है? सरकार खुद ही अपने बयान से पलट रही है। इससे साफ दिखता है कि नीयत ठीक नहीं है।”

उन्होंने कहा कि यह कदम आम लोगों की निजी जानकारी पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि लोग अब समझ रहे हैं कि बीजेपी सरकार बार-बार जासूसी वाले कदम क्यों उठा रही है। यह सरकार लोगों की जिंदगी में झांकना चाहती है, उनका डेटा अपने नियंत्रण में रखना चाहती है। यह खुला संकेत है कि देश को तानाशाही की तरफ धकेला जा रहा है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही की राह पर चलना चाहिए, न कि लोगों की निगरानी करने वाले ऐप और सिस्टम बनाकर डर का माहौल तैयार करना चाहिए। पार्टी ने यह भी कहा कि देश का आम नागरिक अपनी निजी आज़ादी पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेगा।
SIR विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ढांडा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया सबसे अहम होती है और इसे सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

अनुराग ढांडा ने कहा, मैं मानता हूं कि लोकतंत्र में सरकारें चुनावी प्रक्रिया से बनती हैं और यह प्रक्रिया बेहद जरूरी है। पूरे देश में जिन तरह से BLO कर्मियों के आत्महत्या करने के मामले सामने आ रहे हैं, और जो वीडियो दिख रहे हैं कि उन पर कितना दबाव है, किस तरह उन्हें निर्देश दिए जा रहे हैं, और वे मानसिक तनाव में हैं, इस पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि SIR जैसे सिस्टम का इस्तेमाल अगर दबाव बनाने, हेरफेर करने या सरकारी एजेंसियों के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है, तो यह पूरे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
ढांडा ने चेतावनी दी, लोकतंत्र केवल वोट डालने तक सीमित नहीं है। यदि चुनाव कराने वाले कर्मचारी ही दबाव में होंगे, डरे हुए होंगे, तो चुनाव प्रक्रिया कैसे निष्पक्ष रह सकती है? यह सरकार चुनावी प्रणाली पर अविश्वास फैला रही है और इसका नुकसान पूरे देश को होगा।

अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह संचार साथी ऐप और SIR जैसे विवादित कदमों पर तुरंत सफाई दे, इन सिस्टमों की स्वतंत्र जांच कराए, और यह सुनिश्चित करे कि न तो नागरिकों की निजता पर हमला हो और न ही चुनावी प्रक्रिया पर किसी तरह का दबाव बनाया जाए। क्योंकि जनता सब देख रही है। जनता सवाल पूछेगी और जवाब भी मांगेगी। अब सरकार को पारदर्शी बनना ही पड़ेगा।

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