आवारा कुत्तों के मामले पर फिर भड़का सुप्रीम कोर्ट, अब तक दायर नहीं हुआ हलफनामा, राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को किया तलब

Supreme Court On Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर किसी भी राज्य ने पशु जन्म नियंत्रण नियमों के क्रियान्वयन पर हलफनामा दाखिल नहीं किया है। Supreme Court on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य […]
Amritpal Singh
By : Updated On: 27 Oct 2025 13:29:PM
आवारा कुत्तों के मामले पर फिर भड़का सुप्रीम कोर्ट, अब तक दायर नहीं हुआ हलफनामा, राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को किया तलब

Supreme Court On Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है। पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर किसी भी राज्य ने पशु जन्म नियंत्रण नियमों के क्रियान्वयन पर हलफनामा दाखिल नहीं किया है।

Supreme Court on Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकारों को फटकार लगाई कि उन्होंने देश भर में आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनकी नसबंदी करने और उन्हें छोड़ने के अगस्त माह के आदेश का अनुपालन करने के संबंध में हलफनामा दाखिल नहीं किया है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, दिल्ली और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब किया है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि अगर अधिकारी अगली सुनवाई की तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा या कठोर कदम उठाए जाएंगे। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, “हलफनामा क्यों नहीं दाखिल किया है? मुख्य सचिव स्पष्टीकरण दें। अन्यथा जुर्माना लगाया जा सकता है और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए गए। आपके अधिकारी अखबार या सोशल मीडिया नहीं पढ़ते? सभी ने इसकी सूचना दी है। एक बार जब उन्हें जानकारी हो जाए तो उन्हें आगे आना चाहिए। सभी मुख्य सचिव 3 नवंबर को मौजूद रहें, अन्यथा हम ऑडिटोरियम में कोर्ट का संचालन करेंगे।”

जानें आवारा कुत्तों के मामले पर क्या बोला सुप्रीम कोर्ट

बता दें कि आवारा कुत्तों का मामला दिल्ली-एनसीआर से जुड़ा हुआ था. लेकिन 22 अगस्त को शीर्ष अदालत ने इसे पूरे देश के लिए कर दिया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस आदेश को अमल में लाने के लिए हलफमाना दाखिल करने का आदेश दिया था। लेकिन सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेलंगाना, एमसीडी और पश्चिम बंगाल ने ही हलफनामा दाखिल किया है. बाकी राज्यों ने कोई जवाब नहीं दिया है।

भारत की छवि खराब हो रही: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के इस रुख पर कड़ी नाराजगी जताई और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को कोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो महीने में हलफनामा दाखिल करने का समय दिया गया था लेकिन तीन महीने के बाद भी ऐसा नहीं किया गया।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि इस मामले से विदेशों में भी भारत की छवि खराब हो रही है। सुप्रीम कोर्ट राज्यों के रुख पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्यों के प्रमुख सचिवों से कहा कि जरूरत पड़ी तो ऑडिटोरियम में कोर्ट चलाया जाएगा।

यहां नहीं आए तो ऑडिटोरियम में लगेगी अदालत

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि अगर राज्यों के मुख्य सचिव कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा या कठोर कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही जस्टिस नाथ ने ये भी पूछा कि क्या अधिकारियों ने अखबार या सोशल मीडिया नहीं पढ़ा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें नोटिस नहीं भी मिला, तब भी उन्हें यहां होना चाहिए था। इसके साथ ही जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि सभी मुख्य सचिव 3 नवंबर को यहां उपस्थित रहें, वरना हम ऑडिटोरियम में अदालत लगाएंगे।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad