2 लाख 93 हजार रुपये रिश्वत लेते शिक्षा विभाग के दो अधिकारी गिरफ्तार
चंडीगढ़/सोनीपत, 23 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनीपत में शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को 2 लाख 93 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला, आईपीएस के नेतृत्व में ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शिकायत का सत्यापन करने के बाद आज सोनीपत में योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई।
लंबित बिल पास करने के बदले मांगी थी 4 लाख रुपये की रिश्वत
एसीबी को शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दी गई थी कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भयापुर स्कूल और बड़ौली स्कूल, जिला सोनीपत में उसके द्वारा किए गए कार्यों के लंबित बिलों को पास करने के एवज में 4 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का नियमानुसार सत्यापन करने के पश्चात एसीबी टीम द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आशीष, कनिष्ठ अभियंता, शिक्षा विभाग, सोनीपत, को शिकायतकर्ता से 2 लाख 93 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
इसी मामले में विष्णु, उपमंडल अधिकारी, शिक्षा विभाग, सोनीपत को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी संख्या 31, दिनांक 23 सितंबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में मामला दर्ज किया गया है।
2026 में एसीबी की बड़ी ट्रैप कार्रवाईयो में से एक रही आज की दोनो कार्यवाही
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी हरियाणा द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई में आज की दोनो कार्रवाई एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लगातार की जा रही इन कार्रवाइयों के माध्यम से एसीबी द्वारा स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगने वाले अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश—भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य ऐसी पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें आम नागरिकों को अपने जायज सरकारी कार्य करवाने के लिए किसी भी प्रकार की रिश्वत न देनी पड़े।
रिश्वत मांगे तो एसीबी को दें सूचना
एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना टोल-फ्री नंबर 1064 और 1800-180-2022 तुरंत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें। शिकायत के सत्यापन के बाद नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
