बागेश्वर धाम में हुए हादसे पर बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, ‘छोटी सी घटना हुई… हादसे को बढ़ा-चढ़ाकर बताया’
Bageshwar Dham Accident: 4 जुलाई को धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन से पहले बागेश्वर धाम में हुए हादसे में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया आई है।
Dhirendra Shastri on Bageshwar Dham Accident: छतरपुर के बागेश्वर धाम में भारी बारिश के बीच टीन की शेड गिरने से हादसा हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। 4 जुलाई को धीरेंद्र शास्त्री के जन्मदिन से पहले बागेश्वर धाम में हुए हादसे में कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया आई है।
धीरेंद्र शास्त्री दावा किया है कि यह हादसा इतना बड़ा नहीं है, जितना न्यूज में दिखाया जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने इस हादसे के मद्देनजर तय किया है कि वे अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं।
अपनी कथा में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “अत्यधिक बारिश के कारण यहां छोटी सी घटना हुई, लेकिन किसी ने गलत न्यूज चला दी कि टीन शेड गिर गया है। हमने सोचा इतना मजबूत शेड एक दिन में कैसे गिर गया? एक पुराने ग्राउंड में टेंट पर लगी पॉलीथीन में अत्यधिक पानी भर गया था। वहां, पाइप वाला छोटा टेंट लगा था, जिसका छोटा सा पाइप गिर गया था।”
आगे बागेश्वर धाम सरकार ने कहा, “…लेकिन सबसे हमारी प्रार्थना है, जिसने भी पॉलीथीन लगाए हैं, उसकी जगह कोई मजबूत चीज लगाएं। इस क्षेत्र में बारिश खूब होती है और लाखों लोग भी आते हैं। इसलिए दुकान और बाहर के टेंट को मजबूत रखें ताकि किसी को कष्ट न पहुंचे।”
दो दिन के लिए सारे कार्यक्रम स्थगित
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “हमको मन में बहुत दुख लगा, इसलिए आज और कल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर रहे हैं। क्योंकि टीन शेड की कोई घटना नहीं है, फिर भी धाम क्षेत्र अपना है। सब अपने हैं, वह परिवार भी अपना ही है। किसी पर भी दुख आए, वह दुख तो अपना ही है।”
दुकानदारों से धीरेंद्र शास्त्री ने की यह अपील
इतना ही नहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “भगवान की प्राकृतिक वर्षा में कहीं बिजली गिर जाती है, कहीं बादल फट जाते हैं। जेहि विधि लिखा सो तेहि विधि होई। इसपर किसी का बस नहीं है। सब कह रहे थे कि कार्यक्रम पर विराम नहीं लगाया जाए, लेकिन हमारा मन नहीं माना। अनुष्ठान कथा पर विराम नहीं लगा सकते, इसलिए क्रम पूरा किया जाएगा।”