कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन चलान से पुलिस ने की मोटी कमाई, अब तक कमाए डेढ़ करोड़ रुपये
Bilaspur Police Collected Challans: बिलासपुर पुलिस ने इस कार्रवाई में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का भरपूर इस्तेमाल किया है। बीते पांच महीनों में इसी सिस्टम के माध्यम से कुल 14,184 वाहनों के ऑनलाइन चालान किए गए हैं।
Kiratpur-Nerchowk Four Lane: कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन, जोकि प्रदेश के सबसे व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्गों में शामिल है, वहां पर बीते छह महीनों में बिलासपुर पुलिस ने डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का चालान वसूला है। यह जुर्माना गड़ामोड़ा से लेकर बलोह टोल प्लाजा तक लगभग 45 किलोमीटर के दायरे में लगाए गए चालानों के जरिए वसूला गया है। यह आंकड़ा हिमाचल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और ओवरस्पीडिंग के बढ़ते मामलों की ओर स्पष्ट संकेत देता है।
बिलासपुर पुलिस ने इस कार्रवाई में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) का भरपूर इस्तेमाल किया है। बीते पांच महीनों में इसी सिस्टम के माध्यम से कुल 14,184 वाहनों के ऑनलाइन चालान किए गए हैं। ये सभी चालान स्पीड लिमिट के उल्लंघन, यानी ओवरस्पीडिंग के कारण किए गए हैं। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इसके अधिक स्पीड होते ही आईटीएमएस वाहन की नंबर प्लेट को कैप्चर कर लेता है और संबंधित वाहन स्वामी को ऑटोमैटिक ई-चालान जारी कर देता है।
अब तक चलान से कमाए ₹1.5 करोड़ से अधिक
पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालान की कुल राशि अब तक ₹1.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसमें मुख्य रूप से तेज रफ्तार, गलत लेन में गाड़ी चलाना, बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन शामिल हैं। यह एक संकेत है कि विभाग अब नियमों को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुका है। बिलासपुर एसपी संदीप धवल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर यह कार्रवाई लगातार चल रही है और इसका सीधा असर दुर्घटनाओं की संख्या में देखने को मिल रहा है। पहले जहां इस फोरलेन पर हर महीने दो से तीन गंभीर सड़क हादसे होते थे, वहीं अब इनमें स्पष्ट कमी आई है। पुलिस का मानना है कि चालान और डिजिटल निगरानी से लोग अब सतर्क हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार आईटीएमएस के तहत हाईवे पर कई जगह पर हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे, स्पीड गन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे 24×7 ट्रैफिक की निगरानी करते हैं और किसी भी नियम उल्लंघन को रिकॉर्ड करते हैं। कैमरा फीड पुलिस कंट्रोल रूम में सीधे पहुंचती है, जिससे तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय लोगों और हाईवे पर नियमित यात्रा करने वाले वाहन चालकों की राय इस पर मिली-जुली है। कुछ का मानना है कि चालान वसूली सिर्फ राजस्व बढ़ाने का जरिया बन गया है, वहीं कई लोगों ने पुलिस की इस पहल को सराहा है क्योंकि इससे यातायात अनुशासन में सुधार हुआ है।
बिलासपुर पुलिस ने शुरू किया यातायात जागरूकता अभियान
बिलासपुर पुलिस अब स्कूल, कॉलेजों और गांवों में जाकर यातायात जागरूकता अभियान भी चला रही है, जिससे लोग ट्रैफिक नियमों के बारे में बेहतर समझ विकसित कर सकें। एसपी संदीप धवल ने बताया कि आने वाले समय में आईटीएमएस को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। खासकर रात के समय ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण के लिए हाई-इंटेंसिटी नाइट विज़न कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही, चालान की जानकारी सीधे व्हाट्सएप व मैसेज के माध्यम से वाहन मालिकों तक भेजी जाएगी।
वहीं, बिलासपुर पुलिस की यह कार्यवाही न केवल राज्य में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह हाईवे सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी अहम साबित हो रही है। चालकों को अब अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि तकनीक की मदद से नियमों की अनदेखी छुपाई नहीं जा सकती।