आधी रात को भारत के इन राज्यों में फिर से कांपी धरती, ताजिकिस्तान और अलास्का में भी जोरदार भूकंप से डोल गई धरती
Earthquake: भूकंप का केंद्र भारत-पाक सीमा के करीब खावड़ा से लगभग बीस किलोमीटर उत्तर में था और इससे किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। अमेरिका के अलास्का और ताजिकिस्तान में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए।
Earthquake Today: गुजरात के कच्छस के खावड़ा गांव के पास रविवार देर शाम को रिक्टर पैमाने पर 4.0 की तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया। इससे क्षेत्र के कई हिस्सों में दहशत फैल गई। गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात लगभग 9:47 बजे आया, जिसका केंद्र भारत-पाकिस्तान सीमा के पास खावड़ा से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर में स्थित था।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। आस-पास के इलाकों के निवासियों ने बताया कि उन्होंने कुछ सेकंड तक झटके महसूस किए, जिससे कई लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। एक अधिकारी ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है और टीमें किसी भी झटके के बाद स्थिति पर नजर रख रही हैं।
दुसरी तरफ, किश्तवाड़ में सोमवार देर रात 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। भूकंप रात 1.36 बजे आया।
ताजिकिस्तान और अलास्का में भी भूकंप
अमेरिका के अलास्का में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। संबंधित एजेंसियों ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई है। भूकंप का केंद्र 48 किलोमीटर गहराई में पाया गया। एनसीएस के मुताबिक, इतनी कम गहराई पर आए भूकंप के बाद दोबारा झटके (आफ्टरशॉक) आने की संभावना ज्यादा होती है।
बता दें कि इससे पहले भी अलास्का में 17 जुलाई को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 7.3 मापी गई थी। एनसीएस के मुताबाकि, भूकंप का केंद्र 36 किलोमीटर गहराई में पाया गया था।
वहीं, दूसरी तरफ ताजिकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 4.6 मापी गई। एजेंसी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 23 किलोमीटर गहराई में पाया गया।