मुश्किल में घिरे अनिल अंबानी को ED ने किया तलब, 14 नवंबर को फिर होगी पूछताछ

Anil Ambani Loan Fraud Case: इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी को दूसरी बार तलब किया है। Anil Ambani Loan Fraud Case: उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। अब इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में अनिल […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 06 Nov 2025 14:09:PM
मुश्किल में घिरे अनिल अंबानी को ED ने किया तलब, 14 नवंबर को फिर होगी पूछताछ

Anil Ambani Loan Fraud Case: इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी को दूसरी बार तलब किया है।

Anil Ambani Loan Fraud Case: उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। अब इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी को दूसरी बार तलब किया है। उन्हें 14 नवंबर को पेश होने के लिए कहा गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने अपनी जांच एजेंसी को रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़ी कुछ कंपनियों की जांच करने का निर्देश दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि इन कंपनियों पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़ी अनियमितताओं और फंड के गलत इस्तेमाल के आरोप लगे हैं।

कई कंपनियां जांच के दायरे में

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने SFIO को कम से कम चार कंपनियों रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (RInfra), रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) और CLE प्राइवेट लिमिटेड की जांच करने के लिए कहा है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि क्या इन कंपनियों ने कंपनी चलाने के नियमों का पालन किया या कहीं पैसे का गलत इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

SFIO की जांच शुरू

SFIO अब रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों की गहराई से जांच करेगी। यह टीम यह पता लगाएगी कि समूह की किन कंपनियों के बीच पैसे का लेन-देन हुआ, धन कैसे इधर-उधर किया गया और इसमें वरिष्ठ अधिकारियों की क्या भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद जो रिपोर्ट तैयार होगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ED की हाल की बड़ी कार्रवाई

यह जांच ऐसे समय में शुरू की गई है जब हाल ही में ईडी (Enforcement Directorate) ने रिलायंस ग्रुप की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। ईडी ने इस हफ्ते रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी सहयोगी कंपनियों से जुड़ी लगभग 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कीं। ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में करीब 30 प्रमुख प्रॉपर्टीज शामिल हैं। इनमें Adhar Property Consultancy, Mohanbir Hi-Tech Build, Vihaan43 Realty, Gamesa Investment Management और Campion Properties से जुड़ी संपत्तियां हैं। ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी और फंड हेराफेरी से जुड़े एक बड़े मामले का हिस्सा है।

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