श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी के 350 में शहीदी दिवस के अवसर पर सिरसा पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

350th Martyrdom Centenary of Guru Tegh Bahadur Sahib Ji; हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी शताब्दी वर्ष को समर्पित नगर कीर्तन का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रोड़ी गुरुद्वारा गुरुसर साहिब पातशाही दसवीं से किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह 11 […]
Jaspreet Singh
By : Updated On: 08 Nov 2025 19:02:PM
श्री गुरु तेग बहादुर साहब जी के 350 में शहीदी दिवस के अवसर पर सिरसा पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

350th Martyrdom Centenary of Guru Tegh Bahadur Sahib Ji; हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी शताब्दी वर्ष को समर्पित नगर कीर्तन का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रोड़ी गुरुद्वारा गुरुसर साहिब पातशाही दसवीं से किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुबह 11 बजकर 9 मिनट पर पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोड़ी के खेल परिसर में बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे। इसके बाद वे सड़क मार्ग से गुरुद्वारा गुरुसर साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेका और अरदास में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर सिख संगत को संबोधित करते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का जीवन साहस, त्याग और मानवता की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि “गुरु साहिब जी ने न केवल सिख धर्म, बल्कि समूचे मानव समाज के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। जब अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन का समय था, तब उन्होंने निडर होकर अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई। धर्म के लिए सिर कटाया जा सकता है, पर झुकाया नहीं जा सकता यह संदेश उन्होंने अपने बलिदान से दिया।” मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक में दी गई गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत इतिहास का अमर अध्याय है, जिसने मानवता की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब जी के आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं कि हम समाज में प्रेम, एकता और समानता की भावना को जीवित रखें। सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार गुरु साहिब जी की शिक्षाओं और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संगत से आह्वान किया कि “आइए, हम सभी गुरु साहिब जी के दिखाए मार्ग पर चलकर देश और समाज की सेवा का संकल्प लें — यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” अपने संबोधन के बाद मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सिर पर सजाकर पालकी साहिब में विराजमान करवाया और नगर कीर्तन का विधिवत शुभारंभ किया। इस विशाल नगर कीर्तन में सबसे आगे पांच प्यारों की अगुवाई में पालकी साहिब चल रही थी, जिसके पीछे भारी संख्या में सिख संगत “सतनाम श्री वाहेगुरु” का जाप करते हुए शामिल हुई

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad