लड़कियों के बाद अब राजस्थान में लड़कों को भी खाप पंचायतों द्वारा लगाए गए अजीब प्रतिबंध

Baghpat Khap Panchayat: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत शहर में खाप चौधरियों की पंचायत ने 13 साल बाद एक बार फिर बड़ा सामाजिक फैसला लिया है। पंचायत में लड़कियों और लड़कों के स्मार्टफोन इस्तेमाल, हाफ पैंट पहनने और मैरिज हॉल में शादियों को लेकर सख्त पाबंदियां लगाने का निर्णय किया गया है। पंचायत […]
Khushi
By : Updated On: 28 Dec 2025 16:08:PM
लड़कियों के बाद अब राजस्थान में लड़कों को भी खाप पंचायतों द्वारा लगाए गए अजीब प्रतिबंध

Baghpat Khap Panchayat: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत शहर में खाप चौधरियों की पंचायत ने 13 साल बाद एक बार फिर बड़ा सामाजिक फैसला लिया है। पंचायत में लड़कियों और लड़कों के स्मार्टफोन इस्तेमाल, हाफ पैंट पहनने और मैरिज हॉल में शादियों को लेकर सख्त पाबंदियां लगाने का निर्णय किया गया है। पंचायत ने साफ कहा है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।

खाप चौधरियों ने मैरिज होम में शादी को लेकर भी आपत्ति जताते हुए रोक लगाने की बात कही है. यदि कोई उल्लंघन करता है तो कड़े निर्णय लिए जाएंगे. बागपत के बड़ौत शहर में खाप चौधरियों की पंचायत का बड़ा फैसला सामने आया है. 

फैसले पर क्या बोले खाप चौधरी?

चौधरियों का कहना है कि लड़के और लड़कियां एक समान है. लड़की और लड़कों के स्मार्टफोन रखने एवं हाफ पैंट पहनने पर भी पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा. क्योंकि लड़के हाफ पैंट पहनकर घरों के अंदर और बाहर रहते हैं जो समाज पर बुरा प्रभाव डालते हैं यह गलत है. 

चौधरियों ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लड़कों को फोन देना ठीक नहीं है. घर से लड़की पड़ोस में जाएगी तो बिना फोन के जाएगी. मोबाइल से अब नुकसान हो रहा है अपनी परंपराओं को निभाना होगा.  इसी के साथ शादियों को लेकर पंचायत में बड़ा फैसला लिया गया है.

मैरिज हॉल में शादी पर बोले खाप चौधरी

वहीं खाप चौधरियों ने कहा कि शादियां गांव में और घरों में ही होना ठीक है. मैरिज हॉल में शादी होने के कारण शादियां टूट जाती हैं. साथ ही व्हाट्सऐप पर ही शादी के निमंत्रण कार्ड को स्वीकार करने का फैसला लिया गया. पंचायत में चौधरियों ने कहा कि इस फैसले को समाज हित को देखते हुए लागू किया जाएगा और सभी अन्य खापों से भी संपर्क कर इसे एक अभियान के रूप में चलाया जाएगा.

राजस्थान खाप पंचायत के फैसले को ठहराया सही

इसके साथ ही राजस्थान में लिए गए पंचायत के फैसले को भी सही ठहराया गया. खास बात यह है कि महिला चौधरी बीना ने भी लड़की और लड़कों पर इन पाबंदियों को जायज ठहराया है. बता दें कि 13 साल पहले रमाला थाना क्षेत्र के असारा गांव में चौधरियों ने पंचायत कर लड़कियों के फोन रखने पर पांबदी लगाई गई थी.

इस फैसले को लेकर हंगामा खड़ा हो गया था और यह मुद्दा देशभर में गूंजा था. पुलिस ने पंचों पर शिकंजा कसते हुए दो युवकों को हिरासत में लेने का प्रयास किया था, तो ग्रामीणों ने पुलिस की फेंटम गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था. 

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