पंचकूला पुलिस ने वीजा के नाम पर 15 लाख के फ्रॉड में सरकारी कर्मचारी को किया गिरफ्तार
Panchkula Police arrests government employee in fraud Case:- विदेश भेजने के नाम पर भोले-भाले लोगों से ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पंचकूला पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में न्यूजीलैंड वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने 10 जनवरी को गिरफ्तार किया। यह इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजीव कुमार, मूल निवासी अंबाला के रूप में हुई है, जो वर्तमान में चंडीगढ़ के सैक्टर-19 स्थित सरकारी आवास में रह रहा था। आरोपी चंडीगढ़ के एक सरकारी विभाग में ग्रुप-डी कर्मचारी के पद पर कार्यरत था और विदेश भेजने के नाम पर कमीशन लेकर इस ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। आरोपी को 11 जनवरी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है।
क्या था पूरा मामला
पंचकूला निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दी थी कि वर्ष 2024 के मई और जून माह में उसके बेटे को न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देकर आरोपियों ने उससे 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। लंबे समय तक झूठे वादों और फर्जी आश्वासनों के जरिए उसे गुमराह किया गया। जब तय समय पर विदेश नहीं भेजा गया और शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी आनाकानी करने लगे।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि शिकायत के आधार पर 27 मई 2025 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 120-बी, 201 तथा इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट को सौंपी गई।
अब तक की कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले 10 सितंबर को आरोपी नीरज पुत्र रघुबीर, निवासी जिला अंबाला को गिरफ्तार किया। आरोपी को 11 सितंबर को माननीय न्यायालय में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी की गई राशि शैलेन्द्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई थी।
पुलिस ने मुख्य आरोपी शैलेन्द्र कुमार उर्फ शैल, पुत्र राम बहादुर, निवासी जिला कानपुर (उत्तर प्रदेश) की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी। लंबे प्रयासों के बाद 9 दिसंबर को उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी को 10 दिसंबर को न्यायालय में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी शैलेन्द्र पिछले पांच वर्षों से नोएडा में बिना लाइसेंस “द मैन पावर” नामक फर्म चलाकर विदेश भेजने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था।
पश्चिम बंगाल से तीसरी गिरफ्तारी
आगे की जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की गई राशि सद्दाम हुसैन अंसारी नामक व्यक्ति के खाते में भी ट्रांसफर की गई थी। पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर 12 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार किया। 14 दिसंबर को न्यायालय में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
चौथे आरोपी की गिरफ्तारी
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने गिरोह के चौथे सदस्य राजीव कुमार को गिरफ्तार किया, जो सरकारी कर्मचारी होते हुए भी इस ठगी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। इस मामले में एक आरोपी की और संलिप्तता सामने आई है, उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट के इंचार्ज इंस्पेक्टर योगविंद्र सिंह, जांच अधिकारी जगपाल सिंह, एएसआई दीपक कुमार, महिला सिपाही पूनम तथा साइबर सेल टीम की सराहनीय भूमिका रही।
आम जनता से अपील
डीसीपी पंचकूला ने आम जनता से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी अनधिकृत एजेंट या फर्जी फर्म के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शिवास कविराज, एडीजीपी (पुलिस आयुक्त पंचकूला एवं अध्यक्ष – अवैध प्रवास मामले, हरियाणा) ने कहा— “विदेश अवसरों के नाम पर युवाओं को ठगने वाले नेटवर्क के खिलाफ पंचकूला पुलिस की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। ऐसे अपराधी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। युवाओं की मेहनत की कमाई और उनके भविष्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी प्रतिबद्धता के साथ ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।”