नशे व डोपिंग में अपना कैरियर बर्बाद न करें, करें कड़ी मेहनत : कोच राजेश
भिवानी, 07 फरवरी : भिवानी के नन्हें धावक महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी हार्दिक ने केवल 13 वर्ष की आयु में हॉफ मैराथन 21.1 किलोमीटर में दौडक़र अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। बता दें कि इससे पहले भी हॉफ मैराथन में सबसे कम समय मे दौडऩे का रिकॉर्ड भी हार्दिक के ही नाम था।
वहीं इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी हार्दिक का नाम दर्ज है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार ही नहीं बल्कि पूरे भिवानी में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों ने मिठाईयां बांटकर जश्न मनाया।
धावक हार्दिक ने एक फरवरी 2026 को गुरुग्राम में आयोजित वन रेस हाफ मैराथन(21.1 किलोमीटर) एक घंटा 44 मिंट 11 सेकंड के समय में दौडक़र खुद का रिकॉर्ड तोडक़र फिर से नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है।इससे पहले यही हाफ मैराथन हार्दिक ने एक घण्टा 49 मिंट के समय मे तय की थी। परिजनों व कोच की माने तो यह 5 मिनट का समय तोडऩा केवल 2 माह की लगातार कड़ी मेहनत तथा प्रैक्टिस से ही सम्भव ही पाया है।
हार्दिक रोजाना ग्राउंड पर 5-15 द्मद्व दौडक़र प्रैक्टिस करता है।हार्दिक बिना कुछ खाये पिए तथा बिना किसी दवा के सहारे दौड़ लगता है,जोकि इसकी मेहनत है।
इस अवसर पर एथलीट हार्दिक और उनके पिता (कोच ) राजेश तंवर ने बताया कि आगे भी इसी तरह प्रदर्शन में सुधार करते रहेंगे।उनकी सरकार से मांग है कि कम आयु वर्ग के धावकों को भी हॉफ मैराथन में दौडऩे की अनुमति मिले क्योंकि 18-35 आयु वर्ग में हार्दिक दौडक़र भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है।उन्होंने कहा कि युवा नशे व डोपिंग में पडक़र अपना समय बर्बाद न करें वें हार्दिक की तरह मेहनत करें तथा देश का नाम रोशन करें।
बाईट : खिलाड़ी हार्दिक और राजेश तंवर कोच व पिता।