Journalism Of Hope
BREAKING NEWS
ਪੰਜਾਬ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ’ਚ ਹੰਗਾਮਾ, ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ ਬਾਕੀ ਸੈਸ਼ਨ ਲਈ ਮੁਅੱਤਲ......ਪਰਵਿੰਦਰ ਝੋਟਾ ਕਤਲ ਮਾਮਲਾ: ਸਰਕਾਰ ਤੇ ਐਕਸ਼ਨ ਕਮੇਟੀ ਵਿਚਾਲੇ ਤੀਜੀ ਮੀਟਿੰਗ ‘ਚ ਬਣੀ ਸਹਿਮਤੀ.....ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸਕੂਲਾਂ, ਪੰਜਾਬ ਸਕੱਤਰੇਤ ਤੇ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਨੂੰ ਬੰਬ ਨਾਲ ਉਡਾਉਣ ਦੀ ਧਮਕੀ.....ਕੈਨੇਡਾ ’ਚ ਪੰਜਾਬੀ ਟਰੱਕ ਡਰਾਈਵਰ ਨੂੰ 6 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਕੈਦ......ਸਰਹੱਦ ’ਤੇ ਨਸ਼ਾ ਤਸਕਰੀ ਰੋਕਣ ਲਈ ਤਾਇਨਾਤ ਪੁਲਿਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਹੀ ਨਿੱਕਲਿਆ ਤਸਕਰਾਂ ਦਾ ਸਾਥੀ ! 23 ਖੇਪਾਂ ਕੀਤੀਆਂ ਹਾਸਲ.....ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਹੜਤਾਲ ਜਾਰੀ: ਸਾਂਝੀ ਤਾਲਮੇਲ ਕਮੇਟੀ ਨੇ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਸੱਦੀ ਮੀਟਿੰਗ.....ਪਰਵਿੰਦਰ ਝੋਟਾ ਦੀ ਪਤਨੀ ਨੂੰ ਮਾਨਸਾ ਤੋਂ MLA ਦੀ ਚੋਣ ਲੜਾਉਣ ਦੀ ਉੱਠੀ ਮੰਗ !....ਪਾਕਿਸਤਾਨ ’ਚ ਇੱਕ ਹੋਰ ਸਿੱਖ ਲੜਕੀ ਦਾ ਧਰਮ ਪਰਿਵਰਤਨ, ਵੀਡੀਓ ਵਾਇਰਲ ਹੋਣ ਮਗਰੋਂ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ’ਚ ਰੋਸ......

रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट खत्म होने से उपजी चुनौतियां पिछली सरकारों की देन : तकनीकी शिक्षा मंत्री

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) समाप्त होने के बाद जो वित्तीय दबाव सामने आया है, वह मौजूदा कांग्रेस सरकार की नाकामी नहीं बल्कि पिछली भाजपा सरकारों की गलत नीतियों और कुप्रबंधन […]
ਲੇਖਕ : ਪ੍ਰਕਾਸ਼ਿਤ: 
रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट खत्म होने से उपजी चुनौतियां पिछली सरकारों की देन : तकनीकी शिक्षा मंत्री

Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा है कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) समाप्त होने के बाद जो वित्तीय दबाव सामने आया है, वह मौजूदा कांग्रेस सरकार की नाकामी नहीं बल्कि पिछली भाजपा सरकारों की गलत नीतियों और कुप्रबंधन का परिणाम है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब अपने कार्यकाल की विफलताओं का बोझ कांग्रेस सरकार पर डालने का प्रयास कर रही है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच भाजपा सरकार को केंद्र से करीब 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी क्षतिपूर्ति और लगभग 50 हजार करोड़ रुपये रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट के रूप में प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि इस भारी-भरकम राशि का उपयोग प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने के बजाय नॉन-प्लान एक्सपेंडिचर में कर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि यदि भाजपा सरकार इस धन का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा भी उत्पादक और विकासशील क्षेत्रों में निवेश करती, तो आज प्रदेश की आर्थिक स्थिति कहीं अधिक मजबूत होती। उन्होंने कहा कि विकास के अवसर गंवाकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया गया। राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और नागालैंड ऐसे दो राज्य हैं, जिनके बजट का लगभग 12.75 प्रतिशत हिस्सा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट पर निर्भर था।

उन्होंने सवाल उठाया कि 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के तहत जब आरडीजी समाप्त करने का फैसला संसद में पारित हुआ, तब हिमाचल प्रदेश के किसी भी भाजपा सांसद ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। इसका सीधा असर आज राज्य के विकास और वित्तीय संतुलन पर पड़ रहा है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार इन वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार एक योद्धा की तरह हालात का सामना करेगी और आम जनता, गरीब वर्ग तथा कर्मचारियों के हितों पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी। धर्माणी ने कहा कि सरकार अनुत्पादक खर्चों, भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों और गैर-जरूरी एक्सपेंडिचर पर कड़ी नजर रखेगी। उन्होंने बताया कि भत्तों, टेलीफोन अलाउंस, अतिरिक्त सरकारी गाड़ियों और बोर्ड-कॉरपोरेशन से जुड़े खर्चों की समीक्षा कर आवश्यक कटौती पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

Read Latest News and Breaking News at Daily Post TV, Browse for more News

Ad
Ad

Punjab District News