सोना-चांदी के दामों में उछाल, बाजार में फिर बढ़ी हलचल
पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार चढाव देखने को मिल रहा है। कभी भाव तेजी से बढ़ रहे है तो कभी अचानक गिरावट आ रही है। इस वजह से आम लोग और निवेशक दोनों ही असमंजस में है की खरीदारी करे या नहीं।
हाल ही का ट्रेंड क्या कहता है ?
एक बार फिर से गोल्ड-सिल्वर के रेट रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे हैं। आज गोल्ड-सिल्वर के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार 25 फरवरी को चांदी की कीमत 6 हजार रुपये से अधिक बढ़ गई है और सोने की कीमत में आज धीमी लेकिन स्थिर बढ़त रही। कुछ दिन पहले दोनों धातुओं में हल्की गिरावट भी आई थी, लेकिन उसके बाद फिर से सुधार देखा गया। इससे साफ है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है।
आज 25 फरवरी 2026 को सोना करीब ₹1।60 लाख प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंचा है और चांदी में भी करीब ₹2।65 लाख प्रति किलो तक की तेजी दर्ज हुई। ये बढ़त अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से आई है।
हाल के ट्रेंड के दौरान सिर्फ सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य चीजों के दाम भी बढ़े हैं। कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी आई है, जिसका असर पेट्रोल और डीजल पर पड़ सकता है। इसके अलावा कुछ शहरों में खाद्य तेल और दालों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगाई का असर अलग-अलग वस्तुओं पर दिखाई दे रहा है।
कीमतें क्यों बदल रही हैं?
1. जिओपॉलिटिकल कारण – जब दुनिया में आर्थिक अस्थिरता बढ़ती है, लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं।
2. डॉलर की चाल – डॉलर मजबूत होने या कमजोर पड़ने से कीमतों पर असर पड़ता है।
3. ब्याज दरें – ब्याज दर बढ़ने पर सोने की मांग कम हो सकती है, जबकि दरें घटने पर मांग बढ़ती है।
4. त्योहार और शादी का सीजन – इस समय सोने की खरीद बढ़ने से दाम ऊपर जा सकते हैं।
5. औद्योगिक मांग – चांदी का उपयोग उद्योगों में ज्यादा होता है, इसलिए इसकी कीमत जल्दी बदलती है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
अभी बाजार में स्थिरता नहीं है, इसलिए जल्दबाज़ी में फैसला लेना सही नहीं होगा। अगर लंबी अवधि के लिए निवेश करना है, तो धीरे-धीरे और सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर है।
सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, लेकिन इनके दाम भी बाजार की परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं। हाल के रुझान बताते हैं कि कीमतों में तेजी और गिरावट का सिलसिला जारी है और कुछ समय तक ऐसे ही बरकरार रहेगा।