रिश्वत लेते पकड़ा गया ASI दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

ASI Balvinder Singh corruption case; कैथल में अतिरिक्त सैशन जज नंदिता कौशिक ने रिश्वत के एक मामले में एक ASI को 4 साल की कैद और ₹50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 5 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस बारे में गांव भागल निवासी संदीप कुमार ने 12 दिसंबर […]
Jaspreet Singh
By : Published: 13 Mar 2026 18:10:PM
रिश्वत लेते पकड़ा गया ASI दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा

ASI Balvinder Singh corruption case; कैथल में अतिरिक्त सैशन जज नंदिता कौशिक ने रिश्वत के एक मामले में एक ASI को 4 साल की कैद और ₹50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 5 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस बारे में गांव भागल निवासी संदीप कुमार ने 12 दिसंबर 2023 को केस दर्ज करवाया था।

इसी केस में दूसरे ASI हरपाल को बरी कर दिया गया है, क्योंकि उसने सीधे पैसों की मांग नहीं की और न ही पैसे लिए थे। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी एडीए कुलदीप गर्ग ने की। शिकायत के अनुसार 14 अक्टूबर 2023 को महावीर और कर्म सिंह वगैरा निवासी भागल के साथ झगड़ा होने पर महावीर ने शिकायतकर्ता संदीप, उसकी माता कृष्णा देवी और पड़ोसी जयपाल व जयपाल के लड़कों शेखर और अमन के खिलाफ थाना चीका में मुकदमा दर्ज करवाया था।

इससे करीब 4-5 दिन पहले चौकी इंचार्ज एएसआई बलविन्द्र द्वारा बुलाया जाने पर संदीप अपने साले सतीश कुमार के साथ चौकी में गया था। वहां ASI बलविन्द्र के पास आईओ ASI हरपाल भी बैठा था। इन दोनों ने संदीप की माता की मुकदमे में गिरफ्तारी करने का डर दिखाया और उसका नाम मुकदमे से निकालने की ऐवज में ₹60 हजार रिश्वत के तौर पर देने की मांग की।

60 हजार रिश्वत की मांग की

संदीप ने ₹60 हजार लाकर उनसे संपर्क किया और सतीश को पैसे देकर भेजा। सतीश ने बाहर आकर संदीप को बताया कि ₹50 हजार बलविन्द्र ने और ₹10 हाजर ASI हरपाल ने लिए हैं। इसके बाद 7 दिसंबर को संदीप चौकी में गया तो एएसआई बलविन्द्र ने उसका, पड़ोसी जयपाल के लड़कों अमन और शेखर का नाम मुकदमा से निकालने की ऐवज में प्रत्येक के ₹50 हजार मांगे।

संदीप के अनुसार वह रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने इसकी शिकायत एसीबी में कर दी। इस बारे में पहले चीका थाना में केस दर्ज किया गया, बाद में उसे विजिलेंस अंबाला को सौंप दिया। टीम ने योजना के अनुसार संदीप को ₹10 हजार देकर बलविंद्र के पास भेजा और उसे रिश्वत के पैसों सहित रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

चालान बनाकर अदालत के सुपुर्द कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एएसआई बलविंदर को रिश्वत का दोषी पाया और 4 साल की कैद और₹50 हाजर जुर्माने की सजा सुनाई। ASI हरपाल के खिलाफ कोई ठोस सबूत होने के कारण उसे बरी कर दिया गया।

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