नायब सरकार मेहरबान, बहादुरगढ़ के विकास के लिए 118 करोड़ मंजूर, विधायक राजेश जून ने विरोधियों को घेरा
बहादुरगढ़ (झज्जर): हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार बहादुरगढ़ के निर्दलीय विधायक राजेश जून पर पूरी तरह मेहरबान दिखाई दे रही है। बहादुरगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता को साफ पीने का पानी मुहैया करवाने और सीवर पाइपलाइन बिछाने के लिए प्रदेश सरकार ने 118 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट जारी किया है। विधायक राजेश जून ने दावा किया है कि इस ऐतिहासिक बजट से बहादुरगढ़ शहर के साथ-साथ क्षेत्र के कई गांवों में जन स्वास्थ्य विभाग (Public Health Department) जल्द ही नए विकास कार्य शुरू करवाएगा, जिससे लोगों को मूलभूत समस्याओं से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
इस बड़े बजट की मंजूरी के बाद निर्दलीय विधायक राजेश जून ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बहादुरगढ़ में ‘डी प्लान’ के तहत भी रिकॉर्ड विकास कार्य करवाए जा रहे हैं और क्षेत्र की जनता को बुनियादी सुविधाएं देना ही उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।
“विधायकी जाने के 20 महीने बाद श्रेय लेना चाहते हैं पूर्व विधायक”
बजट और विकास कार्यों की जानकारी देने के साथ ही विधायक राजेश जून ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राजेश जून ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व विधायक अपने कार्यकाल के दौरान बहादुरगढ़ में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं करवा सके। अब जब उनकी विधायकी गए हुए करीब 20 महीने का समय बीत चुका है, तो वह वर्तमान सरकार द्वारा करवाए जा रहे लोकहित के कार्यों का जबरन श्रेय (Credit) लेने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
अवैध कॉलोनी काटने के आरोपों पर सफाई: “मैं संत नहीं, व्यापारी हूं”
पिछले कुछ दिनों से पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून द्वारा बामडोली गांव में जमीन खरीदने, वेयरहाउस की जमीन पर कॉलोनी काटने और बालौर गांव में अवैध कॉलोनाइजरों को संरक्षण देने के आरोपों पर विधायक राजेश जून ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया।
“मैं कोई संत नहीं हूं, मैं एक व्यापारी भी हूं। मैंने जो भी जमीनें खरीदी हैं, वे पूरी तरह से नियम और कानून के दायरे में रहकर खरीदी हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी अवैध रूप से कॉलोनी काटने वालों को शरण नहीं दी है।”
— राजेश जून, निर्दलीय विधायक
राजेश जून ने आगे कहा कि वह खुद विधानसभा के भीतर अवैध कॉलोनियों का मुद्दा प्रमुखता से उठा चुके हैं। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे सचमुच जनता के हितैषी हैं, तो उन्हें भी सदन में इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए, न कि मुझ पर झूठे आरोप लगाने चाहिए।
चेयरपर्सन सरोज राठी पर निशाना: “भाजपा को कमजोर करने की हो रही कोशिश”
विकास कार्यों और पूर्व विधायक के विवाद के अलावा राजेश जून ने स्थानीय नगर परिषद की राजनीति पर भी बड़ा धमाका किया। उन्होंने नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी को सीधे निशाने पर लेते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए।
1.भाजपा पार्षदों से दूरी:पार्षदों की अनदेखी.
विधायक ने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन सरोज राठी अपनी ही पार्टी (भाजपा) के पार्षदों को लगातार नजरअंदाज कर रही हैं।
2.कांग्रेस पार्षदों को समर्थन:विपक्ष से हाथ मिलाना.
चेयरपर्सन पर आरोप है कि वह भाजपा के खिलाफ जाकर कांग्रेस के पार्षदों का साथ दे रही हैं और उनके एजेंडे को आगे बढ़ा रही हैं।
3.भाजपा को कमजोर करने की साजिश:पार्टी विरोधी गतिविधि.
विधायक राजेश जून के अनुसार, नगर परिषद के भीतर चल रही इस खींचतान के जरिए भारतीय जनता पार्टी के संगठन को स्थानीय स्तर पर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।
4.भाजपा पार्षदों के साथ खड़े रहने का एलान:विधायक का स्टैंड.
राजेश जून ने स्पष्ट किया कि भले ही वह निर्दलीय विधायक हैं, लेकिन वह नगर परिषद में भाजपा के सभी पार्षदों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
एंकर और ग्राउंड रिपोर्ट (प्रवीण कुमार धनखड़, बहादुरगढ़):
बहादुरगढ़ में इस समय राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ चुका है। एक तरफ जहाँ 118 करोड़ रुपये के बजट के बाद शहर में विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ निर्दलीय विधायक द्वारा कांग्रेस और अपनी ही विरोधी चेयरपर्सन पर किए गए हमलों ने आगामी स्थानीय राजनीति की बिसात बिछा दी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला अब इस बजट के तहत टेंडर प्रक्रिया को शुरू करने की तैयारी में है।