जस्टिस सूर्यकांत होंगे देश के अगले CJI, हरियाणा के छोटे से गांव से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर आसान नहीं…
Next CJI of Supreme Court: केंद्र सरकार ने भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। भूषण गवई के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत सर्वोच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे।
Justice Suryakant Next CJI: देश के सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई हैं। महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले भूषण गवई जल्द ही सेवानिवृत्त होंगे। मुख्य न्यायाधीश के रूप में उनका कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त होगा। भूषण गवई के बाद जस्टिस सूर्यकांत कार्यभार संभालेंगे। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है और सूर्यकांत की हर तरफ चर्चा हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी आर गवई 23 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। उनके बाद वरिष्ठता क्रम में आने वाले जस्टिस सूर्यकांत देश के नए प्रधान न्यायाधीश होंगे। केंद्र सरकार ने जस्टिस सूर्यकांत को नए चीफ जस्टिस का पद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरकार जस्टिस सूर्यकांत को CJI बनाने की प्रक्रिया शुरू की
कानून और न्याय मंत्रालय ने न्यायमूर्ति गवई को पत्र लिखकर उनके उत्तराधिकारी के नाम की अनुशंसा करने का अनुरोध किया है। स्थापित परंपरा और नियुक्ति की कार्यविधि के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में अनुशंसित किया जाता है। वर्तमान में न्यायमूर्ति गवई के बाद वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हैं।
9 फरवरी, 2027 तक CJI के पद पर रहेंगे जस्टिस सूर्यकांत
न्यायमूर्ति गवई की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत औपचारिक रूप से भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा।
जस्टिस सूर्यकांत को जानिए
10 फरवरी, 1962 को जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 1981 में हरियाणा के हिसार स्थित सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और 1984 में महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 1984 में हिसार जिला न्यायालय से अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और अगले वर्ष पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में कामकाज शुरू किया।
वर्ष 2000 में वे हरियाणा के महाधिवक्ता बने और 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट के रूप में नामित किया गया। उसी वर्ष वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। बाद में वे 2018 में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए और 2019 में उन्हें उच्चतम न्यायालय में पदोन्नत किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के कई प्रमुख फैसलों में शामिल रहे जस्टिस सूर्यकांत
उच्चतम न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई, जिनमें अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण को संवैधानिक ठहराने वाले संविधान पीठ के निर्णय में उनकी भागीदारी भी शामिल है। उन्होंने संविधान, मानवाधिकार और लोकहित से जुड़े एक हजार से अधिक निर्णयों में योगदान दिया है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के पदेन कार्यकारी अध्यक्ष हैं और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची के विजिटर भी हैं।