दुबई एयर शो में तेजस विमान हादसे में कांगड़ा का पायलट शहीद, कल होगा अंतिम संस्कार
Kangra Pilot Martyred: वहीं गांव के लोग और नमांश के रिश्तेदार उनके घर में इकट्ठा हो गए हैं। पूरा गांव गमगीन हैं। प्रशासन नमांश के घर कल देर शाम से ही पहुंचा है।
Tejas Plane Crash at Dubai Air Show: हिमाचल प्रदेश का ज़िला कांगड़ा इस समय शोक में डूबा है। दुबई एयर शो में तेजस विमान हादसे में नगरोटा बगवां के स्क्वैड्रन लीडर पायलट नमांश स्याल शहीद हो गए। जिस कारण घर में मातम छाया है।
कांगड़ा ज़िला के नगरोटा बगवाँ के वीर सपूत नमांश स्याल के निधन के समाचार से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है। 34 वर्षीय नमांश स्याल दुबई एयर शो में हुए तेजस विमान हादसे में शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना मिलने के बाद से सारे इलाके में मातम छा गया।
वहीं गांव के लोग और नमांश के रिश्तेदार उनके घर में इकट्ठा हो गए हैं। पूरा गांव गमगीन हैं। प्रशासन नमांश के घर कल देर शाम से ही पहुंचा है। नमांश के माता पिता आजकल उनके साथ हैदराबाद में रह रहे थे। नमांश की पत्नी भी वायुसेना में कार्यरत है। नमांश अपनी पत्नी व बेटी के साथ हैदराबाद में ही रहते थे।
नमांश की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर ज़िला हमीरपुर से हुई है। ग़ौरतलब है कि दुबई एयर शो शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 को एक अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के तेजस लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट नमांश स्याल शहीद हो गए। नमांश स्याल कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां विधानसभा की पटियालकर पंचायत के वार्ड नंबर 7 के निवासी थे। पायलट नमांश स्याल की शहादत की खबर से सारे क्षेत्र में शौक की लहर है।
नमांश स्याल के पिता भी रहे भारतीय सेना में अधिकारी
नमांश स्याल के पिता जगन नाथ भी भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं और बाद में हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग से प्रिंसिपल रिटायर्ड हुए। नमांश स्याल अपने पीछे भारतीय वायुसेना में अफसर पत्नी और एक बेटी छोड़ गए हैं। शहीद नमांश स्याल के माता बीना देवी और पिता जगन नाथ हैदरावाद घूमने गए थे, वहीं उन्हें इस दुर्घटना की सूचना मिली।
नामांश के ताया जोगिंदर सियाल ने बताया कि नमाज की प्रारंभिक शिक्षा डीएसपी स्कूल डलहौजी में हुई है और उसके बाद सुजानपुर के सैनिक स्कूल में उन्होंने शिक्षा हासिल की थी। जोगिंदर सियाल ने कहा कि उनको कल तीन बजे के आसपास सियाल की शाहदत का पता चला था और उन्होंने ही नामाश के पिता को इस शाहदत के बारे में जानकारी दी।
आज सुबह शहीद नामांशं का पार्थिव शरीर सेलूर पहुंचा गया है और कल दो बजे गग्गल एयर पोर्ट पर दो बजे पहुंचेगा। जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।