करनाल में NEET 2026 की री-एग्जाम आज: 8 केंद्रों पर 2708 छात्र दे रहे हैं परीक्षा; सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अभिभावकों ने उठाए सवाल
करनाल:
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET-UG 2026) को लेकर चल रहे विवादों के बीच, आज हरियाणा के करनाल जिले में नीट की दोबारा परीक्षा (Re-exam) का आयोजन किया जा रहा है। पिछले दिनों परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों और पेपर लीक जैसे गंभीर आरोपों के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन के लिए इस परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा कराना एक बड़ी चुनौती है।

आज करनाल जिले में इस महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रशासन की ओर से कुल 8 परीक्षा केंद्र (Exam Centers) बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर कुल 2,708 परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और मेडिकल सीट हासिल करने के लिए दोबारा परीक्षा दे रहे हैं।
किस सेंटर में कितने बच्चे दे रहे हैं पेपर, देखें पूरी लिस्ट:
करनाल के अलग-अलग सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को परीक्षा केंद्रों में बदला गया है, जहां छात्रों की संख्या के हिसाब से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
- पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय, सेक्टर 14: इस केंद्र पर जिले के सबसे ज्यादा यानी कुल 600 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं।
- राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रेलवे रोड: इस सेंटर पर कुल 360 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
- राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रेम नगर: यहाँ भी प्रशासन की ओर से 360 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
- पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (लड़के): इस केंद्र पर भी कुल 360 छात्र अपनी री-परीक्षा दे रहे हैं।
- पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, करनाल: केंद्रीय विद्यालय के इस परिसर में कुल 356 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा का प्रबंध किया गया है।
- पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सग्गा: शहर से थोड़ी दूर स्थित इस स्कूल के केंद्र पर कुल 264 परीक्षार्थी आज पेपर दे रहे हैं।
- महिला राजकीय महाविद्यालय, रेलवे रोड: इस वीमेन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कुल 240 छात्रों के परीक्षा देने का इंतजाम है।
- पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (लड़के), प्रेम नगर: इस आठवें परीक्षा केंद्र पर सबसे कम यानी कुल 168 परीक्षार्थी अपनी परीक्षा में बैठे हैं।
सुबह से ही केंद्रों पर लगीं लंबी लाइनें
परीक्षा देने के लिए छात्रों और उनके अभिभावकों का केंद्रों पर पहुंचना सुबह से ही शुरू हो गया था। कड़ी चेकिंग प्रक्रिया के चलते छात्रों को परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां बायोमेट्रिक हाजिरी, मेटल डिटेक्टर से जांच और एडमिट कार्ड की बारीकी से पड़ताल के बाद ही छात्रों को अंदर जाने की अनुमति दी गई।
छात्रों की जुबानी: ‘बस इस बार पेपर रद्द न हो’
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद परीक्षार्थियों ने ‘डेली पोस्ट’ (Daily Post) की टीम से खास बातचीत की। छात्रों के चेहरों पर परीक्षा का दबाव और मानसिक थकान साफ नजर आ रही थी। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि पहली बार परीक्षा रद्द होने या विवादों में घिरने के बाद दोबारा तैयारी करना मानसिक रूप से बहुत मुश्किल था।
छात्रों ने कहा, “हमें इस री-एग्जाम की तैयारी करने के लिए करीब डेढ़ महीने का समय मिला। हमने दिन-रात एक करके दोबारा बहुत मेहनत की है। हमारी सरकार और प्रशासन से बस यही गुहार है कि इस बार परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी हो और पेपर लीक जैसा कोई मामला सामने न आए। हम बार-बार परीक्षा देने के मानसिक तनाव को और बर्दाश्त नहीं कर सकते।”
अभिभावकों का गुस्सा: ‘सरकार सुरक्षा और नियमों के बारे में पहले क्यों नहीं सोचती?’
दूसरी ओर, परीक्षा केंद्रों के बाहर तेज धूप में खड़े बच्चों के माता-पिता (Parents) के मन में भी सरकार और सिस्टम के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। अभिभावकों का कहना था कि परीक्षाओं के बार-बार लीक होने या रद्द होने के कारण न सिर्फ बच्चों का भविष्य दांव पर लगता है, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजरना पड़ता है।
अभावकों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सरकार को सुरक्षा व्यवस्था और पेपर की गोपनीयता के बारे में पहली बार में ही इतनी गंभीरता से सोचना चाहिए था। अगर पहले ही ऐसे कड़े प्रबंध किए होते, तो आज हमारे बच्चों को दोबारा इस मुश्किल से न गुजरना पड़ता। हालांकि, हम देख रहे हैं कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा पहले के मुकाबले काफी ज्यादा सख्त है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन असली सफलता तभी मानी जाएगी जब नतीजे बिना किसी विवाद के घोषित होंगे।”
निष्कर्ष
करनाल प्रशासन द्वारा दावा किया गया है कि सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक नकल को रोका जा सके। इसके अलावा फ्लाइंग स्क्वाड और उच्च अधिकारी लगातार केंद्रों का दौरा कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि इतनी भारी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच परीक्षा दे रहे ये 2708 परीक्षार्थी अपने मिशन में कितने सफल होते हैं और एनटीए (NTA) इस बार निष्पक्ष परीक्षा करवाने में कितनी कामयाब रहती है।