भाजपा सरकार की चाल में अब नहीं आने वाली प्रदेश की जनता: कुमारी सैलजा
सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि आज प्रदेश की जनता हर स्तर पर परेशान है। एक ओर स्थानीय निकायों में लगातार सामने आ रहे घोटाले सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर आम लोगों को प्रॉपर्टी आईडी और फैमिली आईडी के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। एक तरफ भ्रष्टाचार पर चुप्पी और दूसरी तरफ आम जनता पर दबाव यह दोहरी नीति अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है। जनता पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदार शासन चाहती है। अब समय आ गया है कि सरकार जवाब दे और जनता को राहत मिले।
यहां जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यकाल में एक से बड़ा एक घोटाला सामने आ चुका है, बिना मिलीभगत और सरंक्षण के घोटाले संभव नहीं है। पंचकूला में सामने आया 159 करोड़ का घोटाला केवल एक उदाहरण है। करनाल, फरीदाबाद सहित प्रदेश के कई नगर निकायों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई है।
इससे साफ है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की नीयत और नीति दोनों सवालों के घेरे में हैं। करनाल में स्मार्ट सिटी के लाम पर कोई काम नहीं हुआ सारा पैसा भष्ट्राचार की भेंट चढ़ गया। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में हो रहे घोटालों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा जो सामने आया उसे दबाना शुरू कर दिया जाता है, गली या सड़क बनी ही नहीं और भुगतान हो गया।
सांसद ने कहा कि सबसे चिंता की बात यह है कि जिन लोगों के टैक्स के पैसे से ये संस्थाएं चलती हैं, उन्हीं आम नागरिकों को आज प्रॉपर्टी आईडी और फैमिली आईडी के नाम पर दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कई जगहों पर लोगों को छोटी-छोटी त्रुटियों के लिए परेशान किया जा रहा है, उनकी मूलभूत सुविधाएं तक प्रभावित हो रही हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है। जलनिकासी के पर करोडों रुपये पानी में बहा दिए जाते है पर जलनिकासी से छुटकारा नहीं मिलता। क्या यही सुशासन है?
जिसका भाजपा सरकार दावा करती आ रही है। एक तरफ भ्रष्टाचार पर सरकार की चुप्पी और दूसरी तरफ आम जनता पर दबाव यह दोहरी नीति अब प्रदेश की जनता समझ चुकी है। प्रदेश की जनता पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदार शासन चाहती है। अब समय आ गया है कि सरकार जवाब दे और जनता को राहत मिले। स्थानीय निकाय चुनाव में जनता सरकार को सबक सिखाकर रहेगी।