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मां की डांट के बाद घर छोड़ हिमाचल पहुंचीं दो नाबालिग बहनें, पंचकूला पुलिस के कड़े प्रयासों से सकुशल बरामद

पंचकूला/ 22 मई:- पंचकूला जिला में पारिवारिक संवाद और बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव अहमियत को उजागर करने वाला एक मामला सामने आया है जहां मां की डांट से आहत होकर दो नाबालिग बहनें 15 मई को घर छोड़कर चली गईं। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद जब दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला […]
Jaspreet Singh
By : Published: 22 May 2026 19:46:PM
मां की डांट के बाद घर छोड़ हिमाचल पहुंचीं दो नाबालिग बहनें, पंचकूला पुलिस के कड़े प्रयासों से सकुशल बरामद

पंचकूला/ 22 मई:- पंचकूला जिला में पारिवारिक संवाद और बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव अहमियत को उजागर करने वाला एक मामला सामने आया है जहां मां की डांट से आहत होकर दो नाबालिग बहनें 15 मई को घर छोड़कर चली गईं। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद जब दोनों बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला तो मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बच्चियों की तलाश के लिए विशेष प्रयास किए गए।

जानकारी के अनुसार दोनों नाबालिग बहनें घर छोड़ने के बाद हिमाचल प्रदेश पहुंच गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी जांच, विभिन्न स्थानों पर समन्वय और लगातार सर्च अभियान के माध्यम से उनकी तलाश तेज कर दी।

एसीपी विक्रम नेहरा के अनुसार सब इंस्पेक्टर मलकीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कड़े प्रयासों और सतत कार्रवाई के बाद दोनों बहनों को हिमाचल प्रदेश से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों बच्चियों को आज सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लंबे समय बाद अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पंचकूला पुलिस की त्वरित कार्रवाई व संवेदनशील कार्यशैली के लिए आभार व्यक्त किया।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के साथ केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि मित्रवत व्यवहार और खुला संवाद भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके साथ ऐसा वातावरण बनाना चाहिए, जहां वे बिना डर अपनी बातें साझा कर सकें। साथ ही युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि माता-पिता की डांट को दिल पर लेने के बजाय उसे सीख और मार्गदर्शन के रूप में समझें। किसी भी भावनात्मक स्थिति में जल्दबाजी में घर छोड़ने या गलत निर्णय लेने से बचना चाहिए, क्योंकि संवाद ही हर समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है।

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