पहले डोभाल, अब मॉस्को में पुतिन से विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात, जानें हुई क्या बात
Jaishankar-Putin Meet: भारत पर ट्रंप के टैरिफ बम के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंक मास्को की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।
S. Jaishankar and Putin Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल आयात का हवाला देकर टैरिफ के जरिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत ने अमेरिका के दबाव के प्रयासों को धता बताते हुए रूस के साथ व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की तरफ कदम बढ़ा दिया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर अभी रूस यात्रा पर हैं। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बड़ी मुलाकात की है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस मुलाकात और बैठक की तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “आज क्रेमलिन में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करके सम्मानित महसूस किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री @नरेंद्र मोदी का हार्दिक अभिवादन पहुंचाया। मैंने उन्हें प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हुई अपनी चर्चाओं से अवगत कराया।”
विदेश मंत्री ने आगे लिखा, “वार्षिक नेता शिखर सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर हैं। वैश्विक स्थिति और यूक्रेन के हालिया घटनाक्रमों पर उनके साझा दृष्टिकोण के लिए मैं आभारी हूं।”
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
जयशंकर और पुतिन की मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया। जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “हमारा मानना है कि भारत और रूस के बीच संबंध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सबसे स्थिर संबंधों में से एक रहे हैं। भू-राजनीतिक अभिसरण, नेतृत्व संपर्क और लोकप्रिय भावनाए इसके प्रमुख कारण हैं।”
अमेरिका ने खुद रूस से तेल खरीदने को कहा- जयशंकर
हालांकि जयशंकर ने अमेरिका के आरोपों पर कहा, “अमेरिका ने हमसे खुद कहा था कि हमें ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर रखने के लिए रूस से तेल खरीदना चाहिए। हम अमेरिका से भी तेल खरीदते हैं और उसमें भी लगातार वृद्धि हुई है। इसलिए हमें उनका तर्क बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा है।”
भारत और रूस के बीच दुनिया के सबसे मजबूत रिश्ते – एस. जयशंकर
वहीं, रूस के विदेश मंत्री लावरोव के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से भारत और रूस के बीच दुनिया के सबसे मजबूत रिश्ते रहे हैं।”
यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल लेने पर भारत पर जुर्माने के रूप में अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इस प्रकार से अमेरिका ने भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी, इसमें से 25 फीसदी पहले से ही घोषित था।