Diwali पर पुरानी दिल्ली में मशहूर मिठाई की दुकान पर पहुंचे Rahul Gandhi का दिखा ‘हलवाई’ अंदाज़, बनाई इमरती और बेसन के लड्डू, देखें Video
Rahul Gandhi in Delhi’s Sweet Shop: राहुल गांधी पुरानी दिल्ली में मिठाइयों की मशहूर दुकान में पहुंचे। यहां उन्होंने खुद अपने हाथों से जलेबी और बेसन के लड्डू भी बनाए। इसका वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है।
Rahul Gandhi Makes Imarti, Besan Laddus in Sweet Shop: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज दीपावली के मौके पर दिल्ली की प्रसिद्ध घंटेवाला मिठाई की दुकान पर पहुंचने का वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में राहुल गांधी जलेबी या इमरती से लेकर बेसन के लड्डू बनाते हुए भी नजर आए। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का ये वीडियो काफी वायरल है।
राहुल गांधी ने इस दिलचस्प वीडियो के साथ ही लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यूजर्स से सवाल भी पूछा कि वे इस त्योहार को कैसे खास बना रहे हैं। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट किया और लिखा, “पुरानी दिल्ली की मशहूर और ऐतिहासिक घंटेवाला मिठाइयों की दुकान पर इमरती और बेसन के लड्डू बनाने में हाथ आजमाया।”
दुकान मालिक ने किया स्वागत
इस दौरान दुकान मालिक ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का स्वागत किया। उन्होंने कहा- दुकान से वे राजीव गांधी के जन्मदिन और अन्य समारोह पर मिठाइयां भेजा करते थे। इस दौरान राहुल गांधी ने दुकान पर इमरती बनाने का प्रयास किया और दुकान मालिक से मिठाई बनाने की कला पर चर्चा की। दुकान के मालिक ने कहा, “भारत में ऐसा कोई विभाग नहीं है जो मिठाई बनाने वालों को प्रशिक्षण देता हो।”
राहुल गांधी ने जवाब दिया, “लेकिन क्यों नहीं? इस कला का कोई सम्मान नहीं है।” मालिक ने समझाया कि रसोइयों को शेफ़ कहा जाता है, जबकि मिठाई बनाने वालों को हलवाई कहा जाता है, जबकि वे “मिठाई के मशालवाहक” होते हैं।
घंटेवाला मिठाई की दुकान का क्या है इतिहास?
बता दें कि पुरानी दिल्ली स्थित घंटेवाला मिठाई की दुकान लगभग 235 पुरानी है। इसकी स्थापना 1970 में लाला सुखलाल जैन ने की थी। यह दुकान अपनी पुरानी विरासत के लिए जानी जाती है। यहां की मिठाइयों में आज भी वही पुराना स्वाद बताया जाता है। घंटेवाला की मिठाइयां प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी बहुत पसंद थीं। बताया जाता है कि सुखलाल जैन शुरुआत में घंटी बजाकर मिठाई बेचते थे, जिससे इस दुकान का नाम घंटेवाला पड़ा था।