27 अप्रैल को हिसार में महापंचायत, छात्र हित में सब एकजुट हो – दुष्यंत चौटाला
हरियाणा में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और हिसार के CIA इंचार्ज पवन कुमार के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को इस मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब जेजेपी जिला प्रवक्ता रवि आहूजा ने CIA इंचार्ज का कथित हथियार वाला वीडियो जारी कर एनकाउंटर की साजिश के आरोप लगाए।
जेजेपी का दावा है कि उनके पास हिसार पुलिस से जुड़ी ऐसी ही 8 और वीडियो क्लिप मौजूद हैं। पार्टी का कहना है कि एक वीडियो में पुलिसकर्मी माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं। जेजेपी इन वीडियो के जरिए इस मुद्दे को 27 अप्रैल तक उठाने की रणनीति बना रही है, जिस दिन हिसार में छात्र महापंचायत आयोजित की जाएगी।
27 अप्रैल तक मुद्दा गरम रखने की तैयारी
जेजेपी नेताओं के अनुसार, 27 अप्रैल को होने वाली छात्र महापंचायत से पहले पार्टी इस विवाद को लगातार उठाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जेजेपी इस मुद्दे को हवा देकर जनसमर्थन और सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रही है।
पहले भी पुलिस से टकराव में रहे दुष्यंत
यह पहली बार नहीं है जब दुष्यंत चौटाला का हरियाणा पुलिस से टकराव हुआ हो। इससे पहले तत्कालीन डीजीपी ओपी सिंह के ‘बुलेट और थार’ वाले बयान पर भी दुष्यंत चौटाला ने कड़ा विरोध जताया था।
ओपी सिंह ने 2025 में बयान दिया था कि बुलेट और थार चलाने वालों का “दिमाग घुमा हुआ होता है।” इसके जवाब में दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की बुलेट बाइक पर सवारी करते हुए तस्वीर साझा कर सवाल उठाया था कि क्या वे भी “गुंडे” हैं।
इसके अलावा, दुष्यंत चौटाला ने जींद रैली में थार से एंट्री कर इस बयान का विरोध जताया था। रैली के तीन दिन बाद हरियाणा पुलिस ने दिग्विजय चौटाला, देवेंद्र कादियान और पूर्व ADGP परमजीत सिंह अहलावत समेत कई लोगों की सुरक्षा वापस ले ली थी।
नए डीजीपी अजय सिंघल पर भी आरोप
अब दुष्यंत चौटाला ने मौजूदा डीजीपी अजय सिंघल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डीजीपी उनके फोन नहीं उठाते और बार-बार संपर्क करने पर उनका नंबर तक ब्लॉक कर दिया गया।
दुष्यंत चौटाला का आरोप है कि प्रशासनिक तंत्र का यह रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा
इस विवाद में अब अन्य नेताओं के बयान भी सामने आने लगे हैं। कांग्रेस विधायक भरत सिंह बैनीवाल, गोकुल सेतिया, आदित्य देवीलाल और मंत्री अनिल विज ने भी दुष्यंत चौटाला के समर्थन में बयान दिए हैं और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
GJU विवाद से शुरू हुआ मामला
दरअसल, यह पूरा विवाद 16 अप्रैल को शुरू हुआ, जब जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में वीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान गेट तोड़ने की कोशिश की गई।
इस मामले में हिसार पुलिस ने दिग्विजय चौटाला समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और 6 जेजेपी नेताओं को गिरफ्तार किया गया। हालांकि बाद में सभी को जमानत मिल गई।
17 अप्रैल को आमने-सामने आए दोनों पक्ष
17 अप्रैल को दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला गिरफ्तारी देने के लिए हिसार एसपी ऑफिस जा रहे थे। इसी दौरान ओल्ड सब्जी मंडी पुल के पास CIA इंचार्ज पवन कुमार और उनके काफिले के बीच विवाद हो गया।
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि CIA इंचार्ज ने काफिला रुकवाकर हथियार ताना और कुचलने की कोशिश की। वहीं पवन कुमार का कहना है कि काफिले की पायलट गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारने की कोशिश की थी और उन्होंने केवल ड्राइवर को रोककर समझाया।
दोनों पक्षों की शिकायत, SIT जांच शुरू
इस मामले में दोनों पक्षों ने हिसार के अर्बन एस्टेट थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित की है, जिसकी अगुवाई डीएसपी कमलजीत कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।