बेंगलुरु में NEET 2026 री-एग्जाम: देरी से पहुंचने पर छात्रों को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं, गेट के बाहर मची अफरातफरी
बेंगलुरु (कर्नाटक): बेंगलुरु में आज नीट यूजी (NEET-UG 2026) की दोबारा परीक्षा (Re-examination) के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। परीक्षा के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए, कई परीक्षा केंद्रों पर उन छात्रों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जो दोपहर 1:30 बजे की निर्धारित अंतिम समय-सीमा (Deadline) के बाद पहुंचे।
क्या है पूरा मामला?
परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने समय की पाबंदी को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे। अधिकांश केंद्रों पर गेट बंद करने का समय दोपहर 1:30 बजे तय किया गया था। जैसे ही घड़ी में 1:30 बजे, सुरक्षा अधिकारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए मुख्य गेट बंद कर दिए। इस दौरान देरी से पहुंचे छात्र और उनके अभिभावक गेट के बाहर ही रह गए और उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया।

परीक्षार्थियों और अभिभावकों का दर्द
गेट के बाहर छात्रों को बिलखते और सुरक्षा कर्मियों से गुहार लगाते देखा गया। कई छात्र और उनके अभिभावक केंद्र के बाहर ही धरने पर बैठ गए और परीक्षा में शामिल होने के लिए एक आखिरी मौका देने की मांग करने लगे। छात्रों का तर्क था कि ट्रैफिक जाम या अन्य तकनीकी कारणों से वे कुछ मिनटों की देरी से पहुंचे हैं, लेकिन प्रशासन अपने नियमों पर अडिग रहा।
प्रशासन का रुख
परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों का कहना है कि एनटीए (NTA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए समय का पालन करना अनिवार्य है। समय सीमा के बाद एंट्री देने से परीक्षा की प्रक्रिया और अनुशासन प्रभावित हो सकता है। फिलहाल, गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।