Women’s Equality Day 2025: स्त्रियों ने किन मोर्चे पर पर मारी बाजी, भारत में महिलाओं को अभी मीलों चलना बाकी? आंकड़ों में जानें
Women’s Equality Day: वैश्विक स्तर पर सिर्फ 26 फीसदी सांसद महिलाएं जबकि भारत में कुल सांसदों के मुकाबले महिला सांसदों की संख्या करीब 13 फीसदी ही है।
Women’s Equality Day: वर्ष 1920 में 26 अगस्त को अमेरिका के संविधान में 19वां संशोधन करके महिलाओं को वोट का अधिकार दिया (Women get voting rights in USA in 1920) गया। हालांकि 53 साल के बाद अमेरिकी कांग्रेस द्वारा इस तारीख को महिला समानता दिवस के तौर पर मनाने की शुरुआत हुई।
हालांकि न्यूजीलैंड में वर्ष 1893 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दुनिया में सबसे पहले मिला। इस अधिकार को पाने की लड़ाई का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता केट शेपर्ड (kate sheppard) ने किया।यह दिवस शिक्षा, रोज़गार और नेतृत्व सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में लिंग-आधारित भेदभाव को समाप्त करने के निरंतर प्रयासों का आह्वान करता है। हालांकि, दुनिया भर में महिलाओं और पुरुषों के बीच कई मोर्चों पर फासला देखा जा रहा है।
कॉरपोरेट में एक तिहाई से कम महिलाओं के पास प्रमुख पद: वर्ष 2024-2025 के नवीनतम उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फॉर्च्यून 500 के सीईओ पदों में अमेरिका में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 10.6% से 11% है। हालांकि, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की प्रगति की यह रफ्तार काफी कमजोर है लेकिन अमेरिकी कॉर्पोरेट व्यवसाय के उच्चतम स्तर पर महिला नेतृत्व के धीमे लेकिन बढ़ते प्रतिनिधित्व का संकेत देता है। वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिकाओं में सिर्फ एक तिहाई से भी कम महिलाओं के पास हैं।
भारत में कॉरपोरेट में 23% महिला कर्मचारी पर: भारत में भी महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं की भूमिका में सुधार देखा जा रहा है। वर्ष 2023-2024 के आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी में लिस्टेड 500 कंपनियों के शीर्ष पदों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व 5% से कम था जबकि बोर्डरूम में यह 16% से 21% के बीच रहा है। भारत में बोर्ड में महिलाओं की संख्या 2014 में 5% फीसदी थी जो बढ़कर 2025 में 21% हो गई है। वहीं Pimeinfobase Dotcom की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉरपोरेट इंडिया में 23% कर्मचारी महिलाएं हैं और 13% प्रमुख प्रबंधन कार्मिक (केएमपी) पदों पर हैं जबकि 10% कार्यकारी निदेशक हैं और 5% प्रबंध निदेशक या सीईओ हैं।
भारत में महिला सांसदों की संख्या काफी कम: विश्व स्तर पर सिर्फ 26% सांसद महिलाएं हैं। वर्ष 2023 में सांसद महिलाओं का प्रतिशत 26.5% था जबकि यह 2024 में बढ़कर 26.9% हो गया। भारत को इस मोर्चे पर अभी मीलों चलना बाकी है। वर्ष 2019 में 17वीं लोकसभा चुनाव में एक इतिहास बना। इस वर्ष 78 महिलाएं सांसद बनीं। लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 13.6% महिलाएं सांसद है। हालांकि 2024 में 18वीं लोकसभा में महिलाओं की संख्या घटकर 78 से 74 हो गई। वर्ष 1952 में पहली लोकसभा में सिर्फ 4.4% महिला सांसद थीं।
भारतीय सेना में बढ़ रही है महिलाओं की भागीदारी: भारतीय सेना में महिलाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में भारतीय सेना में लगभग 3,000 महिलाएं तैनात थीं जो 2025 में बढ़कर 11,000 से अधिक हो गई है। इस मामले में देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा कि सरकार लैंगिक अंतर को पाटने और सशस्त्र बलों और शांति सेना में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियों को मजबूत कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें नेतृत्व और सेवा के समान अवसर मिलें।