चौथी बार हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनकर भूपेंद्र हुड्डा बनाएंगे अनूठा रिकॉर्ड
Haryana Legislative Assembly: स्पीकर द्वारा हुड्डा मौजूदा 15वीं हरियाणा विधानसभा सदन में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पदांकित कर दिया जाएगा।
Bhupinder Hooda LoP in Haryana Legislative Assembly: कहा जाता है कि देर आए दुरूस्त आए। मौजूदा 15वीं हरियाणा विधानसभा के गठन के करीब एक वर्ष के लंबे अंतराल के बाद अंततः मौजूदा वि.स. सदन में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने अपने 37 सदस्ययी विधायक दल का नेता प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रूप में चुन लिया है। हुड्डा रोहतक जिले की गढ़ी-सांपला किलोई वि.स. हलके से छठी बार निर्वाचित विधायक हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और विधायी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि अब कांग्रेस पार्टी के नव नियुक्त प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की ओर से हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) हरविन्द्र कल्याण को पत्र भेजकर भूपेंद्र हुड्डा का कांग्रेस विधायक दल (सी.एल.पी) का नेता चुने जाने के बारे में लिखित सूचना दी जाएगी। जिसके बाद स्पीकर द्वारा हुड्डा मौजूदा 15वीं हरियाणा विधानसभा सदन में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पदांकित कर दिया जाएगा।
उन्होंने एक रोचक परंतु महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि भूपेंद्र हुड्डा अबकी बार रिकॉर्ड चौथी बार हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनेंगे। वह इससे पूर्व अगस्त, 2002 में, सितम्बर, 2019 में और नवंबर, 2019 में भी हरियाणा विधानसभा सदन में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। इसमें सितम्बर,म2019 में वह मात्र करीब डेढ़ माह के लिए ही विपक्ष के नेता रहे थे। हुड्डा के अलावा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ही दो बार हरियाणा वि.स. में नेता प्रतिपक्ष रहे है।
हेमंत ने बताया कि हालांकि देश की संसद और कई राज्यों, जिनमें पडोसी राज्य पंजाब भी शामिल है, के विपरीत आज तक हरियाणा में सदन में विपक्ष के नेता अर्थात नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्तों आदि कोई विशेष कानून ही नहीं बनाया गया है।
संसद के दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष के लिए अगस्त, 1977 में कानून बनाया गया जबकि पडोसी राज्य पंजाब में वर्ष 1978 में ऐसा कानून अधिनियमित किया गया था। वर्तमान में लोकसभा में राहुल गांधी, राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे, पंजाब वि.स. में प्रताप सिंह बाजवा उपरोक्त कानूनों के अंतर्गत सम्बंधित सदन में पदांकित नेता प्रतिपक्ष है।
बहरहाल, हेमंत ने बताया की जहाँ तक हरियाणा का विषय है, तो हरियाणा विधान सभा (सदस्यों का वेतन, भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1975 की धारा 2 (डी) में सदन के नेता प्रतिपक्ष को परिभाषित किया गया है। जिसका अर्थ है सदन का वह सदस्य जिसे इस पद हेतु स्पीकर द्वारा मान्यता प्रदान की गई हो। यही नहीं उक्त 1975 कानून की धारा 4 में सदन में नेता प्रतिपक्ष के वेतन-भत्तों और अन्य सुविधाओं हेतु विशेष उल्लेख किया गया है एवं इस पद पर आसीन पदाधिकारी का दर्जा हरियाणा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होता है। इस प्रकार से हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद एक वैधानिक पद है। यहाँ तक कि नेता प्रतिपक्ष के वेतन -भत्तों आदि पर इनकम टैक्स (आयकर) का भुगतान भी प्रदेश के सरकारी खजाने से किया जाता है।
हेमंत ने आगे बताया कि आज से साढ़े चार वर्ष पूर्व मार्च, 2021 में उक्त नियमावली में संशोधन द्वारा नियम संख्या 2 में प्रतिपक्ष के नेता को परिभाषित किया गया था जिससे अभिप्राय है सदन में ऐसे बड़े विधायक दल का नेता जिसके सदस्यों की संख्या सरकार का गठन करने वाले दल/दलों को छोड़कर सबसे अधिक हो तथा कम से कम सदन की गणपूर्ति की संख्या के बराबर संख्या हो तथा विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा यथा मान्यता प्राप्त हो।
बहरहाल, कुछ वर्ष पूर्व जब हेमंत ने हरियाणा विधानसभा सचिवालय में एक आर.टी.आई. याचिका दायर तब तक हरियाणा वि.स. से रह चुके सभी विपक्ष के नेताओं को तत्कालीन वि.स. स्पीकर द्वारा नेता प्रतिपक्ष के तौर को मान्यता देने करने सम्बन्धी सभी गजटअधिसूचनाओं की कॉपी मांगी, तो वि.स. सचिवालय द्वारा उन्हें लिखित तौर पर बताया गया कि हरियाणा वि.स. में नेता प्रतिपक्ष के पदांकन सम्बन्धी प्रदेश के सरकारी गजट में कोई नोटिफिकेशन प्रकाशित नहीं की जाती है। मात्र वि.स. सचिवालय से प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य विभाग को पत्र भेजकर सूचित कर दिया जाता है।
इसके बाद एडवोकेट हेमंत ने हरियाणा वि.स. में स्पीकर द्वारा पदांकित किये गए नेता प्रतिपक्ष सम्बन्धी गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित करने की परम्परा आरम्भ करने के लिए अनेकों बार प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल, सदन के नेता (मुख्यमंत्री), विधानसभा स्पीकर, संसदीय कार्य मंत्री, प्रदेश के मुख्य सचिव, विधानसभा सचिव आदि को लिखित अभिवेदन भेजे जिसके फलस्वरूप अगस्त 2022 में हरियाणा विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन सम्बन्धी नियमावली के नियम संख्या 2 में संशोधन मार्फ़त सदन में स्पीकर द्वारा नेता प्रतिपक्ष की मान्यता देने संबंधी नोटिफिकेशन प्रदेश के आधिकारिक गजट में प्रकाशित करने का स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया। हालांकि यह बात और है कि अगस्त, 2022 से नवम्बर, 2024 तक अर्थात पिछली 14वीं हरियाणा वि.स. के कार्यकाल समाप्ति कर तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा भूपेंद्र हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष पदांकित करने बारे गजट नोटिफिकेशन का प्रकाशन नहीं कराया गया था।
बहरहाल, अब ऐसी उम्मीद है कि मौजूदा 15वीं हरियाणा वि.स. में स्पीकर हरविंदर कल्याण द्वारा 37 सदस्य कांग्रेस विधायक दल के चुने गए नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सदन में नेता प्रतिपक्ष पदांकित करने सम्बन्धी वि.स. सचिवालय द्वारा गजट नोटिफिकेशन अवश्य प्रकाशित कराई जायेगी।